Summer express, बहादुरगढ़। हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत विजिलेंस ब्यूरो ने बहादुरगढ़ के सेक्टर-16 स्थित दमकल केंद्र में तैनात एक फायरमैन को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी कार में आग लगने की घटना से संबंधित रिपोर्ट और अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने के बदले पैसे की मांग कर रहा था।
जानकारी के अनुसार चुलकाना निवासी अजीत ने विजिलेंस ब्यूरो को शिकायत दी थी कि दमकल विभाग में कार्यरत अनियमित कर्मचारी श्रीभगवान उससे एनओसी जारी करने के बदले रिश्वत मांग रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने शुरुआत में 10 हजार रुपये की मांग की थी, जो बाद में 8 हजार रुपये में तय हुई। आरोप है कि कर्मचारी पहले ही 2 हजार रुपये ले चुका था और शेष राशि के रूप में 3 हजार रुपये और मांग रहा था।
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने मामले का सत्यापन किया और ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। तय रणनीति के तहत शिकायतकर्ता को आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही फायरमैन ने 3 हजार रुपये की रिश्वत ली, विजिलेंस टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
यह कार्रवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं शुगर मिल के प्रबंध निदेशक मुकुल कुमार की मौजूदगी में की गई। आरोपी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
बताया गया है कि शिकायतकर्ता अजीत की ऑल्टो कार में 14 जुलाई को केएमपी एक्सप्रेसवे पर आग लग गई थी। घटना के बाद दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया था। इसी मामले की रिपोर्ट और एनओसी जारी करने की प्रक्रिया के दौरान कथित रूप से रिश्वत की मांग की गई थी।
विजिलेंस की कार्रवाई के बाद दमकल केंद्र में हड़कंप मच गया। विभागीय कर्मचारियों के बीच भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा रही। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
विजिलेंस ब्यूरो ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी काम के बदले रिश्वत मांगता है तो उसकी शिकायत तुरंत संबंधित एजेंसी को दें, ताकि भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।