Summer express/मंडी,धर्मवीर-: नगर निगम मंडी के नवगठित सदन की पहली बैठक की शुरुआत ही प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों के बीच हुई। बैठक के दौरान कुछ पार्षदों ने समय पर सूचना जारी न किए जाने का मुद्दा उठाते हुए निगम प्रशासन से भविष्य में नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग की। हालांकि निगम प्रशासन ने इसे पहली बैठक से जुड़ी तकनीकी चूक बताते हुए आगे ऐसी स्थिति न बनने का भरोसा दिया।
बैठक की शुरुआत नव निर्वाचित मेयर सुमन ठाकुर के स्वागत संबोधन से हुई। इसी दौरान भाजपा पार्षद गगन कश्यप ने नगर निगम अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी सामान्य बैठक की सूचना सभी पार्षदों तक नियमानुसार कम से कम पांच दिन पहले पहुंचनी चाहिए। उनका कहना था कि इस बैठक के संबंध में कई पार्षदों को निर्धारित समय के भीतर सूचना नहीं मिल सकी, जिससे पारदर्शिता और प्रशासनिक प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न लगते हैं।गगन कश्यप ने कहा कि यदि बैठकों की सूचना समय पर उपलब्ध कराई जाए तो सभी पार्षद अपने-अपने वार्डों से जुड़े मुद्दों और प्रस्तावों की बेहतर तैयारी के साथ सदन में भाग ले सकते हैं। उन्होंने निगम प्रशासन से आग्रह किया कि भविष्य में अधिनियम के प्रावधानों का पूर्ण पालन किया जाए ताकि किसी प्रकार की असमंजस की स्थिति उत्पन्न न हो।मामले पर नगर निगम आयुक्त डॉ. मदन कुमार ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि नए कार्यकाल की यह पहली बैठक थी, इसलिए कुछ तकनीकी कमियां रह गई होंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में सभी बैठकों की सूचना निर्धारित समय सीमा के भीतर जारी की जाएगी और प्रक्रिया को पूरी तरह नियमों के अनुरूप संचालित किया जाएगा।
बैठक के दौरान इस मुद्दे के शांत होने के बाद नगर निगम से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक और विकास कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। शहर के विकास, आधारभूत सुविधाओं और आगामी योजनाओं को लेकर सदन में विचार-विमर्श हुआ। उल्लेखनीय है कि नगर निगम मंडी के वर्तमान सदन में भाजपा के 12 पार्षद, एक निर्दलीय तथा एक कांग्रेस समर्थित पार्षद शामिल हैं। ऐसे में नए कार्यकाल की पहली बैठक में ही प्रक्रिया संबंधी सवाल उठना पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा।