Summer express, इंफाल। मणिपुर में सुरक्षा बलों ने उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित संगठन नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (एनएससीएन-आईएम) के दो संदिग्ध सदस्यों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर जबरन वसूली और अवैध गतिविधियों में संलिप्त होने का आरोप है। पुलिस ने बुधवार को इसकी पुष्टि की।
पुलिस के अनुसार मंगलवार को तामेंगलोंग जिले के कैमाई थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-37 स्थित सिबिलोंग इलाके में विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान एनएससीएन (आईएम) से जुड़े दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गैसुआकलुंग नगाओमेई (45) निवासी भालोक गांव और जॉब गंगमेई (29) निवासी सिबिलोंग पार्ट-दो के रूप में हुई है। दोनों तामेंगलोंग जिले के रहने वाले हैं।
तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों ने आरोपियों के कब्जे से एक कारतूस, 22 हजार रुपये नकद तथा चार्जर सहित दो संचार उपकरण बरामद किए। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि ये लोग क्षेत्र में उगाही और अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल थे। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
इसी बीच सुरक्षा बलों ने राज्य के बिष्णुपुर जिले में भी एक अलग अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल की। लोकतक झील के समीप सेंद्रा पहाड़ी क्षेत्र में चलाए गए तलाशी अभियान में भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई।
बरामद हथियारों में मैगजीन सहित 0.32 बोर की पिस्तौल, एक सिंगल बैरल ब्रीच लोडिंग (एसबीबीएल) बंदूक, 0.22 बोर की बोल्ट-एक्शन राइफल, मैगजीन सहित एक जेफरसन राइफल, स्थानीय स्तर पर निर्मित नौ कार्बाइन और दो एमपी-5 प्रकार के हथियार शामिल हैं। इसके अलावा छह पैकेटों में रखे गए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) भी बरामद किए गए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि बरामद हथियार और विस्फोटक उग्रवादी गतिविधियों में इस्तेमाल किए जा सकते थे। पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा बरामद सामग्री की जांच की जा रही है तथा यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इन हथियारों का संबंध किन संगठनों या समूहों से है।
मणिपुर में हाल के महीनों में सुरक्षा बलों द्वारा उग्रवादी संगठनों, हथियार तस्करी और अवैध वसूली के खिलाफ अभियान लगातार तेज किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।