Summer express, तरनतारन। स्वतंत्रता दिवस से पहले पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे तरनतारन जिले में बीएसएफ ने पाकिस्तान से भेजे गए तीन ड्रोन को मार गिराने के बाद चलाए गए सर्च ऑपरेशन में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है। इस मामले में एक कथित तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया है। घटना के बाद सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ा दी गई है।
जानकारी के अनुसार, खालरा सेक्टर में तैनात बीएसएफ की 142वीं बटालियन के जवानों ने मंगलवार देर रात बीओपी मंगली पोस्ट के पास संदिग्ध ड्रोन गतिविधि देखी। निगरानी के दौरान जवानों ने पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमा की तरफ लगातार तीन ड्रोन आते हुए देखे। स्थिति को भांपते हुए बीएसएफ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ड्रोन पर फायरिंग की, जिसके बाद वे इलाके से गायब हो गए।
इसके बाद बीएसएफ और पंजाब पुलिस ने संयुक्त रूप से व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया। तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को हथियारों की एक बड़ी खेप बरामद हुई। बरामद सामान में सात विदेशी पिस्टल, एक अत्याधुनिक गन, 89 जिंदा कारतूस और एक मोबाइल फोन शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन हथियारों को ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा में गिराया गया था।
जांच के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान मंजीत सिंह पुत्र जरनैल सिंह निवासी गांव वान, जिला तरनतारन के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि हथियारों की यह खेप पाकिस्तान में बैठे तस्करी नेटवर्क के संपर्क के जरिए मंगवाई गई थी।
तरनतारन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुरिंदर लांबा ने बताया कि बरामद हथियारों की खेप ड्रोन तस्करी के माध्यम से भारत पहुंचाई गई थी। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई बीएसएफ और पुलिस के लिए बड़ी सफलता है, जिससे सीमा पार से हथियार पहुंचाने की एक गंभीर साजिश को समय रहते विफल कर दिया गया।
पुलिस ने खालरा थाने में मामला दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन हथियारों की खेप किस उद्देश्य से मंगवाई गई थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। 15 अगस्त से पहले हुई इस बरामदगी को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।