Summer express/ मंडी, धर्मवीर-: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में निर्माणाधीन मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर हाईवे निर्माणाधीन कंपनी और एनएचएआई की लापरवाही से दो रिहायशी आलीशान मकान खतरे की जद में आ गए हैं। यहां पहली ही बरसात में पधर उपमंडल के द्रंग में निर्माणाधीन कंपनी के द्वारा बनाई गई सड़क व डंगा टूटने से साथ लगते घरों में भी दरारें आ गई है। खतरे को भांपते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से देवेंद्र कुमार और मरारी लाल के मकानों को खाली कर दिया है। पीड़ित परिवारों को फिलहाल अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लेनी पड़ी है।
कंपनी की इस लापरवाही पर वीरवार को दंग्र के विधायक पूर्ण चंद ठाकुर व अन्य स्थानीय जन प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और निर्माणाधीन कंपनी का घेराव किया। गुस्साए लोगों ने इस मौके पर निर्माणाधीन कंपनी और एनएचएआई के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इस मौके पर स्थानीय लोगों ने गावर कंस्ट्रक्शन कंपनी पर गुणवत्ताहीन व नियमों को ताक में रखकर कार्य करने के भी आरोप जडे़। स्थानीय लोगों का कहना कि निर्माणाधीन कंपनी के द्वारा मिट्टी भरकर कच्चे डंगे लगाए जा रहे हैं, जिसका उन्होंने पहले भी विरोध किया था। लेकिन यह कंपनी किसी भी सुनवाई नहीं कर रही है। इस मौके पर स्थानीय लोगों और निर्माणाधीन कंपनी के जीएम विकास नागर व अन्य पदाधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। जीएम विकास नागर ने प्रभावित परिवारों को आश्वासन देते हुए कहा कि 15 दिन के भीतर नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर हाईकमान को भेज दी जाएगी। जिसके बाद प्रभावित परिवारों को घर-जमीन का पूरा मुआवजा जिला प्रशासन के माध्यम से दे दिया जाएगा। वहीं पीड़ित परिवारों के नए आशियाने न बनने तक कंपनी द्वारा इन्हें किराये पर रहने के लिए रेंट भी दिया जाएगा।