बंद के दौरान राजनैतिक दलों से ठोस समर्थन सामने नहीं आया
गुरमीत सिंह/सागर पाहवा
डेराबस्सी/ मोहाली। समर न्यूज
बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा द्वारा दिए गए पंजाब बंद के आह्वान को डेराबस्सी हलके में भरपूर समर्थन मिला।
बंद को सफल बनाने के लिए अकाली दल वारिस पंजाब के जिला मोहाली के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बलजीत सिंह भांखरपुर ने समर्थकों के साथ सक्रिय भूमिका निभाई। वह सुबह से ही विभिन्न इलाकों और सड़कों पर पहुंचे तथा लोगों से बंद को समर्थन देने की अपील की। रामपुर सैणियां के पास बरवाला रोड पर लगाए नाके पर पहुंचकर उन्होंने दुकानदारों, व्यापारियों और संगठनों का धन्यवाद किया। इस दौरान शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील भी की गई। बलजीत सिंह ने कहा कि बंदी सिखों की रिहाई का मुद्दा किसी एक पार्टी या संगठन तक सीमित नहीं, बल्कि इंसाफ और मानवाधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला है। उन्होंने भाजपा, शिअद बादल, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बंद के दौरान इन पार्टियों की ओर से कोई ठोस समर्थन सामने नहीं आया।
मोहाली में बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से शुक्रवार को दिए गए पंजाब बंद के आह्वान का मोहाली में भी असर देखने को मिला। सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक शहर के कई हिस्सों में बाजार बंद रहे और विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने रास्ते रोककर यातायात प्रभावित किया। बंद का सबसे अधिक असर उन लोगों पर पड़ा, जिन्हें नौकरी, कारोबार और अन्य जरूरी कामों के लिए घर से निकलना पड़ा। सरकारी और निजी संस्थानों में काम करने वाले कई कर्मचारी स्ते में ही फंस गए। शापिंग स्ट्रीट समेत कई बाजारों में दुकानें बंद रहीं। प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों को आने-जाने की छूट दी।, बसों का संचालन प्रभावित होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी हुई। महिलाओं और बुजुर्गों समेत कई यात्रियों को सामान लेकर पैदल ही आगे बढ़ना पड़ा।बंद के दौरान एयरपोर्ट रोड पर गोपाल जंक्शन और चीमा लाइट प्वाइंट के पास पुल पर प्रदर्शनकारियों ने रास्ता बंद किया। वहीं खरड़-बलौंगी फ्लाईओवर पर देसू माजरा जंक्शन और बलौंगी के पास भी रास्ता रोके जाने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़कों पर जाम लगने के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगा।