{पूर्व डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने मौके पर दिखाए खस्ताहाल हालात
गुरशरण सिंह | मोहाली
समर न्यूज
मोहाली के बहुचर्चित बस स्टैंड की बदहाली का मामला एक बार फिर चर्चा में है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए इस बस स्टैंड से जुड़े निर्माण, सड़क, पार्किंग, बिजली, पानी और निवेशकों के पैसे से संबंधित कई मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं।
मोहाली नगर निगम के पूर्व डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने इस मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर को होनी है। सोमवार को बेदी ने मौके पर पहुंचकर बस स्टैंड परिसर का जायजा लिया और वहां की समस्याओं को सामने रखा।
बेदी के अनुसार, बस स्टैंड के प्रस्तावित मॉडल में इस क्षेत्र को आधुनिक और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के रूप में विकसित करने की योजना दिखाई गई थी। इसमें डबल सड़कें, दुकानें, निवेशकों के लिए कार्यालय, पार्किंग और यहां तक कि हेलीपैड की व्यवस्था भी प्रस्तावित थी। उनका कहना है कि वास्तविकता में इस योजना का बड़ा हिस्सा अब तक पूरा नहीं हो सका है।
बेदी ने बताया कि बस स्टैंड के एक तरफ की सड़क की हालत बेहद खराब है। सड़क का बड़ा हिस्सा मिट्टी में तब्दील हो चुका है और आवाजाही को टीन आदि लगाकर रोका गया है। वहीं, राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे हिस्से में भी सड़क पर दरारें और अन्य खामियां दिखाई दे रही हैं। उन्होंने आशंका जताई कि भारी बारिश होने पर स्थिति और खराब हो सकती है।
बस स्टैंड की निचली बेसमेंट में लंबे समय से पानी जमा होने का दावा भी किया गया। बेदी के अनुसार, वहां ‘असुरक्षित’ का बोर्ड लगा हुआ है।
उन्होंने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। मोहाली बस स्टैंड का उद्घाटन वर्ष 2016 में किया गया था। इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस बस स्टैंड के रूप में विकसित करने की योजना थी, लेकिन कई साल बीतने के बाद भी परियोजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण हिस्से अधूरे बताए जा रहे हैं।