लक्की मेहता | लुधियाना
समर न्यूज
काराबारा में करीब 600 गज जमीन पर बिना मंजूरी के निर्माण होता रहा और जिम्मेदारों की नजर के सामने ढांचा खड़ा होता गया। नामदेव भवन के पास चल रहे इस निर्माण को लेकर नगर निगम ने पहले चेतावनी भी दी थी, लेकिन इसके बावजूद काम नहीं रुका। शुक्रवार को आखिरकार निगम की जोन-ए बिल्डिंग ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची और अवैध ढांचे को ध्वस्त कर दिया।
निगम अधिकारियों के अनुसार, निर्माणकर्ता ने भवन निर्माण का नक्शा नगर निगम से मंजूर नहीं करवाया था। इसके बावजूद मौके पर निर्माण कार्य जारी था। निगम की ओर से निर्माण रोकने के लिए चेतावनी दी गई, लेकिन काम चलता रहा। इसके बाद निगम ने सख्ती दिखाई और जेसीबी की मदद से तैयार किए जा रहे ढांचे को गिरा दिया।
करीब 600 गज में निर्माण का मामला छोटा नहीं था। सवाल यह है कि जब निर्माण बिना मंजूरी के हो रहा था तो इसे शुरुआती स्तर पर ही क्यों नहीं रोका गया? निर्माण धीरे-धीरे आगे बढ़ता रहा और ढांचा तैयार होने की स्थिति तक पहुंच गया। बाद में निगम को कार्रवाई करनी पड़ी। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर पहले भी शिकायतें सामने आती रही थीं। ‘समर एक्सप्रेस’ ने भी इस अवैध निर्माण को लगातार अपनी खबरों में प्रमुखता से उठाया था।खबरों के जरिए मामला सामने आने के बाद निगम की कार्रवाई पर लोगों की नजर थी।
{शिकायतें भी हुईं, पुलिस केस की बात भी सामने आई: इस मामले को लेकर कई शिकायतें होने की जानकारी सामने आई थी। निर्माण से जुड़े कुछ लोगों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज होने की बात भी सामने आई थी। इसके बावजूद मौके पर निर्माण गतिविधियां जारी रहने से सवाल उठते रहे। अब निगम की कार्रवाई के बाद साफ हो गया है कि बिना मंजूरी निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि बड़ा सवाल यही है कि जब शिकायतें पहले से थीं तो निर्माण को 600 गज तक पहुंचने का मौका कैसे मिला?
{कमिश्नर के निर्देश पर बिल्डिंग ब्रांच का एक्शन: कमिश्नर ओजस्वी अलंकार के निर्देश पर शहर में अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है। जोन-ए की बिल्डिंग ब्रांच द्वारा बिना मंजूरी किए जा रहे निर्माणों की जांच कर कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी भवन का निर्माण शुरू करने से पहले नगर निगम से बिल्डिंग प्लान मंजूर करवाना जरूरी है। नियमों की अनदेखी कर निर्माण करने वालों के खिलाफ नोटिस, चालान और निर्माण ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
{चेतावनी को नजरअंदाज करना पड़ा भारी: काराबारा के इस मामले में निगम की चेतावनी के बावजूद निर्माण जारी रखना निर्माणकर्ता को भारी पड़ा। शुक्रवार को निगम टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और तैयार किए जा रहे अवैध ढांचे को गिरा दिया। देखने वाली बात यह होगी कि ऐसे और कितने निर्माण हैं, जहां शिकायतें होने के बावजूद निर्माण चलता रहता है और कार्रवाई तब होती है जब ढांचा खड़ा हो चुका होता है।