लक्की मेहता/राहुल शर्मा लुधियाना | समर न्यूज
गिल रोड, लोहारा रोड और दिल्ली रोड के रोजाना लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए शुरू किया गया मिसिंग लिंक-3 प्रोजेक्ट अब खुद ही ‘मिसिंग’ होता नजर आ रहा है। करीब 23 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे 1.5 किलोमीटर लंबे बाईपास में आठ महीने बाद भी सिर्फ 500 मीटर सड़क तैयार हो पाई है।
इतना ही नहीं, अब इस हिस्से पर भी निर्माण कार्य बंद पड़ा है। लोहारा के पास निर्माण स्थल पर मशीनें खड़ी हैं और मजदूर नजर नहीं आ रहे। गिल गांव की तरफ सड़क का काम अभी शुरू नहीं हुआ है। यहां बरसात का पानी जमा है और रास्ते में आने वाले मकान भी अभी हटाए नहीं गए हैं। लोहारा की तरफ करीब 500 मीटर तक बनी सड़क के बाद फिर काम अधूरा पड़ा है।
{15 हजार वाहनों को मिलनी है राहत, 5 किमी का चक्कर बचेगा: लोहारा पुल से मलेरकोटला रोड को सीधे जोड़ने वाला यह करीब 1.5 किलोमीटर लंबा लिंक रोड तैयार होने के बाद वाहन चालकों को करीब 5 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। अभी जाम के कारण डेढ़ किलोमीटर का रास्ता तय करने में 30 मिनट से एक घंटे तक लग जाता है। लिंक रोड बनने के बाद यह सफर करीब 10 मिनट में पूरा होने की उम्मीद है। बाईपास शुरू होने से दिल्ली रोड और गिल रोड से आने वाला ट्रैफिक सीधे मलेरकोटला रोड की तरफ जा सकेगा। इससे गिल नहर और आसपास के प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है। करीब 15 हजार वाहनों को इसका सीधा फायदा मिलने का अनुमान है।
{दिसंबर तक पूरा करना है काम, मौके पर निर्माण बंद: करीब 23 करोड़ रुपए की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को दिसंबर 2026 तक पूरा करने की डेडलाइन तय है। लेकिन आठ महीने में एक किलोमीटर सड़क भी पूरी नहीं हो पाई और अब निर्माण कार्य बंद है। ऐसे में तय समय सीमा के भीतर प्रोजेक्ट पूरा होने पर सवाल खड़े हो गए हैं। काम की धीमी रफ्तार को लेकर ठेकेदार पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। इसके बावजूद निर्माण की गति में अपेक्षित तेजी नहीं आई।
{ग्लाडा ने लगाया 23 लाख का जुर्माना: तय माइलस्टोन के मुताबिक काम पूरा नहीं करने पर ग्लाडा ने ठेकेदार कबीर इंफ्रा पर 23 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। कंपनी के मालिक को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। ग्लाडा के एसई नवीन कंबोज ने बताया कि प्रोजेक्ट का काम तय माइलस्टोन के अनुसार पूरा किया जाना था, लेकिन ठेकेदार निर्धारित समय सीमा के मुताबिक काम नहीं कर पाया। इसी वजह से 23 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। ठेकेदार को काम जल्द शुरू कर निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
{10 साल से इंतजार, अब फिर बढ़ी चिंता: लोहारा से मलेरकोटला रोड को जोड़ने वाला यह प्रोजेक्ट और इससे संबंधित पुल करीब 10 साल से अधर में है। लंबे इंतजार के बाद निर्माण शुरू हुआ तो अब धीमी रफ्तार ने लोगों की चिंता फिर बढ़ा दी है। शहरवासियों को जाम से राहत दिलाने वाला यह बाईपास आखिर कब पूरी तरह तैयार होगा, अब इस पर नजर है।