summer express ,संजू , शिमला । सोशल मीडिया पर फैली भ्रांतियों के बीच शिमला में एचपीवी वैक्सीनेशन को लेकर अभिभावकों का भरोसा बढ़ने लगा है। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से 14 से 15 वर्ष की बच्चियों का स्कूलों के माध्यम से टीकाकरण किया जा रहा है। जिले में अब तक 1874 बच्चियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा चुकी है, जबकि विभाग ने 4998 बच्चियों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है।
शुरुआत में वैक्सीन को लेकर अभिभावकों के बीच कई तरह की भ्रांतियां सामने आईं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पीटीएम और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से चिकित्सकों को अभिभावकों से सीधे संवाद करने के लिए लगाया है। डॉक्टर वैक्सीन से जुड़े सवालों और आशंकाओं की जानकारी देकर अभिभावकों को जागरूक कर रहे हैं। विभाग ने अपील की है कि सोशल मीडिया या अनधिकृत स्रोतों से मिली जानकारी के बजाय चिकित्सकों से तथ्यात्मक जानकारी ली जाए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी यशपाल रांटा ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर के करीब 97 प्रतिशत मामले एचपीवी संक्रमण से जुड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि समय रहते वैक्सीनेशन होने से बेटियों को भविष्य में इस बीमारी के जोखिम से बचाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने बताया कि इसे बच्चेदानी के मुंह का कैंसर भी कहा जाता है और सरकार ने आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद ही वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया है।
शिमला के विभिन्न स्कूलों में अभियान चल रहा है। सरस्वती पैराडाइज स्कूल में भी टीकाकरण किया गया, जबकि तीन दिन पहले डीबी स्कूल में बच्चियों को वैक्सीन लगाई गई। सीएमओ ने कहा कि शुरुआत में अभियान को लेकर कुछ दिक्कतें आईं, लेकिन अब लोगों में जागरूकता बढ़ रही है।