Summer express/शिमला, संजू-:राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शिमला में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, नगर निगम शिमला के मेयर सुरेंद्र चौहान सहित अन्य नेताओं और आम लोगों ने दोनों महान विभूतियों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि महात्मा गांधी ने देश और दुनिया को सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया। उनके विचार आज भी समाज के लिए प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने स्वतंत्रता आंदोलन में सत्याग्रह और अहिंसा को प्रमुख माध्यम बनाया तथा सामाजिक सद्भाव, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया।
शास्त्री ने सादगी और ईमानदारी की मिसाल कायम की
राज्यपाल ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी ने सादगीपूर्ण जीवन और ईमानदार सार्वजनिक जीवन की मिसाल पेश की। ‘जय जवान, जय किसान’ का उनका संदेश देश के जवानों और किसानों के महत्व को रेखांकित करता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और स्वच्छता को प्राथमिकता देने की जरूरत आज भी बनी हुई है।उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश आज भी इन महान विभूतियों के दिखाए रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि गांधी जी के खिलाफ काम करने वाली विचारधारा के साथ उनकी लड़ाई आज भी जारी है।नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा, त्याग और सत्याग्रह के माध्यम से देश को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि गांधी जी के विचार और आदर्श आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
शास्त्री को बताया सादगी और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक
जयराम ठाकुर ने पूर्व प्रधानमंत्री और ‘भारत रत्न’ लाल बहादुर शास्त्री को याद करते हुए कहा कि वे सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और दृढ़ नेतृत्व के प्रतीक थे। उन्होंने अपने जीवन और विचारों से देश के सामने राष्ट्रसेवा की मिसाल पेश की।