नई दिल्ली | भारत और ब्रिटेन के बीच हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) ने देश के आभूषण कारोबार को नई उड़ान देने का रास्ता खोल दिया है। रत्न और आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (GJEPC) के कार्यकारी निदेशक सब्यसाची रे के मुताबिक, इस समझौते से भारतीय ज्वैलरी इंडस्ट्री को बड़ा फायदा मिलेगा और ब्रिटेन को एक्सपोर्ट अगले दो साल में 2.5 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
व्यापार में बड़ा उछाल संभव
वर्तमान में भारत हर साल लगभग 941 मिलियन डॉलर के रत्न और आभूषण UK को भेजता है, जबकि वहां से 2.7 अरब डॉलर का आयात करता है। FTA लागू होने के बाद इस क्षेत्र में द्विपक्षीय व्यापार 6 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इसका सीधा असर लाखों कारीगरों और ज्वैलरी एक्सपोर्ट से जुड़े कारोबारियों पर पड़ेगा।
ब्रिटेन में इंडियन ज्वैलरी की भारी मांग
रे ने बताया कि ब्रिटेन में बड़ी संख्या में दक्षिण एशियाई मूल के लोग रहते हैं, जो भारतीय पारंपरिक गहनों के बड़े खरीदार हैं। इसी मांग को देखते हुए मालाबार गोल्ड और कल्याण ज्वैलर्स जैसे बड़े भारतीय ब्रांड्स ने UK में अपने स्टोर भी खोल लिए हैं।
हांगकांग-चीन को टक्कर देंगे भारतीय कारोबारी
FTA के तहत आयात शुल्क शून्य हो जाने से भारत के कारोबारी अब हांगकांग और चीन के मुकाबले सीधे मुकाबले में होंगे। खासतौर पर चांदी के गहनों के निर्यात में भारत की पकड़ मजबूत होगी, क्योंकि अभी इस सेगमेंट में भारत की हिस्सेदारी बेहद कम है, जबकि UK में इसकी डिमांड जबरदस्त है।
सिर्फ ज्वैलरी नहीं, कपड़ा और जूते भी चमकेंगे
विशेषज्ञों का मानना है कि FTA का असर सिर्फ आभूषणों तक सीमित नहीं रहेगा। कपड़ा और फुटवियर इंडस्ट्री को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा। इससे भारतीय मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट सेक्टर में नई जान आएगी।
अमेरिका से भी व्यापार समझौते की उम्मीद
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर भी GJEPC के सब्यसाची रे ने सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ समझौता बातचीत के दौर में है और भारत सरकार एक व्यापक और पारदर्शी समझौते की दिशा में अग्रसर है।