नई दिल्ली | देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने लोन वसूली तेज करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। इस वित्त वर्ष में बैंक 100 से ज्यादा गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) खातों को एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों (ARCs) को बेचने की तैयारी में है। इन खातों का कुल मूल्य लगभग ₹4,000 से ₹5,000 करोड़ के बीच है।
PNB के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ अशोक चंद्रा ने बताया कि बैंक को इन खातों की बिक्री से औसतन 40-50% राशि की वसूली की उम्मीद है। कुछ मामलों में पूरी रकम की वसूली भी संभव है, जबकि कमजोर सुरक्षा वाले खातों में कम वसूली हो सकती है।
एनपीए वे खाते होते हैं जिनमें लोन की किस्तें समय पर नहीं चुकाई जातीं, जिससे बैंक के लिए रकम वसूलना मुश्किल हो जाता है। ARCs इन खातों को खरीदकर कर्जदारों से रकम वसूलने की जिम्मेदारी संभालती हैं। एक बार खाते के ARCs को ट्रांसफर होने के बाद बैंक की वसूली की जिम्मेदारी खत्म हो जाती है और कर्जदार को सीधे ARCs से निपटना पड़ता है। इस कदम से PNB का लक्ष्य है कि इस वित्त वर्ष में बकाया लोन की वसूली में सुधार हो और बैंक की बैलेंस शीट मजबूत बने।
NPA खातों वाले ग्राहकों पर क्या असर होगा?
अगर किसी ग्राहक का लोन खाता NPA बन गया और वह बैंक सेटलमेंट पर 20-30% रकम चुकाकर समझौता करता है, लेकिन वह रकम नहीं चुका पाता और खाता ARC को ट्रांसफर हो जाता है, तो उसे अब ज्यादा रकम देकर लोन सेटल करना पड़ सकता है क्योंकि अब वसूली की जिम्मेदारी ARCs की होगी।