Mandi, Dharamveer
उपमंडल बालीचौकी की ग्राम पंचायत देवधार और माणी में प्राकृतिक आपदा का कहर जारी है। भूस्खलन और जमीन धंसने से यहां 102 घर प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 26 पूरी तरह से तबाह हो गए हैं जबकि 76 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं। कई परिवार अपने टूटे आशियानों को बार-बार देखने आ रहे हैं, मगर इस वक्त वे अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लेने को मजबूर हैं।
प्रभावितों की गुहार
आपदा प्रभावित केवल राम, गुमत राम, होशियार सिंह, राम सिंह, डोला राम और युद्धवीर सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने सरकार से एक स्वर में मांग उठाई है कि उन्हें सुरक्षित स्थान पर जमीन उपलब्ध करवाई जाए, ताकि वे फिर से अपने घर-बार बसा सकें।
राहत कार्य
फिलहाल प्रभावित परिवारों को प्रशासन की ओर से 2 लाख 30 हजार रुपये की फौरी राहत राशि वितरित की गई है। देवधार पंचायत के प्रधान देवराज ठाकुर ने बताया कि सरकार, प्रशासन और समाजसेवियों की मदद से प्रभावितों को सहयोग देने का प्रयास किया जा रहा है। पंचायत ने जनता से सहयोग की अपील भी की है और इसके लिए एक क्यूआर कोड जारी किया गया है। एकत्रित धनराशि पारदर्शिता से प्रभावितों में बांटी जाएगी।
प्रशासन का बयान
एसडीएम बालीचौकी देवी राम ने जानकारी दी कि डीसी मंडी के निर्देशों पर प्रभावितों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जल्द ही सभी पात्र परिवारों को राहत राशि उपलब्ध करवाई जाएगी।
लगातार आपदा का संकट
बालीचौकी उपमंडल का आधा हिस्सा सराज विधानसभा क्षेत्र में आता है। यहां 2023 की प्राकृतिक आपदा में भी भारी नुकसान हुआ था और इस साल भी तबाही का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उन्हें सुरक्षित जमीन नहीं मिलेगी, तब तक वे स्थायी रूप से बसने का सपना नहीं देख सकते।