Shimla, Sanju
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में देहरा उपचुनाव के दौरान कथित कैश फॉर वोट मामला एक बार फिर गर्मा गया है। विपक्षी विधायकों ने आरोप लगाया कि सरकार ने संवेदनशील मुद्दों पर जानकारी छुपाने के लिए विपक्ष द्वारा पूछे गए प्रश्नों को प्रश्नकाल से हटा दिया।
धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने कहा कि उपचुनाव के दौरान आचार संहिता लागू होने के बावजूद कांगड़ा कोऑपरेटिव बैंक से 68 महिला मंडलों को धनराशि दी गई और करीब 1000 महिलाओं के खातों में 4500 रुपये जमा किए गए। उनका आरोप है कि इस विषय पर विधानसभा में प्रश्न सूचीबद्ध होने के बावजूद प्रश्नकाल से हटा दिया गया।सुधीर शर्मा ने यह भी कहा कि इस विषय में पूर्व विधायक होशियार सिंह ने हिमाचल उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है, और मुख्यमंत्री अपनी छवि बचाने के लिए जानकारी सार्वजनिक नहीं कर रहे।
बिलासपुर से भाजपा विधायक त्रिलोक जमवाल ने भी सदन में सवाल दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी ओर से सरकार की एक्साइज नीति से जुड़े प्रश्न को कार्यसूची में शामिल किए जाने के बाद भी प्रश्नकाल से हटा दिया गया। उनका कहना है कि विधानसभा के नियम संख्या 52 और 53 के तहत सदस्य की अनुमति के बिना प्रश्न नहीं हटाए जा सकते।विपक्ष का आरोप है कि सरकार संवेदनशील विषयों पर जवाब देने से बच रही है, जिससे मुख्यमंत्री की साख पर सवाल उठ रहे हैं।