लुधियाना | देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 दिन बाद पंजाब का दौरा करने आ रहे हैं। इस दौरान वह बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए 9 जिलों के पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे और स्थिति का जायज़ा लेंगे।
हालांकि अब बड़ा सवाल यह है कि प्रधानमंत्री मोदी जमीन पर उतरकर तबाही देखेंगे या सिर्फ हवाई सर्वेक्षण तक सीमित रहेंगे। क्योंकि गुरदासपुर, फिरोजपुर, तरनतारन, फाजिल्का और अमृतसर जैसे जिलों में हालात इतने गंभीर हैं कि वास्तविक तस्वीर जानने के लिए मौके पर जाना बेहद जरूरी है।
पंजाब सरकार की राहत घोषणा
पंजाब सरकार पहले ही बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए प्रति एकड़ 20 हज़ार रुपये और मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये मुआवज़ा देने की घोषणा कर चुकी है। इसके अलावा, राज्य सरकार ने केंद्र से लंबित पड़े 60 हज़ार करोड़ रुपये जीएसटी बकाया जारी करने की मांग भी प्रधानमंत्री के दौरे से पहले कर दी है।
लोगों की उम्मीदें
फिलहाल, राज्य के बाढ़ पीड़ितों की हालत बेहद खराब है। हर पार्टी, समाजसेवी संस्थाएं और फिल्मी कलाकार अपने स्तर पर मदद कर रहे हैं। अब सबकी नज़रें प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा पर टिकी हैं कि क्या वह पीड़ितों के लिए कोई बड़ा राहत पैकेज घोषित करेंगे या उम्मीदों पर पानी फिर जाएगा। पीड़ित परिवारों का कहना है कि राहत की घोषणा और मदद तुरंत होनी चाहिए, न कि और देरी से।