Mandi, Dharamveer
पंडोह डैम के साथ लगते दयोड़ गांव में एक बार फिर जमीन धंसने का मामला सामने आया है। मौके पर स्थिति का जायजा लेने पहुंचीं एसडीएम सदर रूपिंद्र कौर ने एनएचएआई अधिकारियों को दो दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
टनल के ऊपर धंसी जमीन, टनल को नहीं खतरा
एसडीएम रूपिंद्र कौर ने तहसीलदार सदर, एनएचएआई और कंपनी अधिकारियों के साथ स्थल निरीक्षण किया।प्रारंभिक जांच में पाया गया कि धंसी हुई भूमि टनल के ठीक ऊपर का हिस्सा है, लेकिन राहत की बात यह है कि टनल को फिलहाल कोई नुकसान नहीं पहुँचा है।धंसाव का मलबा टनल में नहीं गिरा, बल्कि बीच में ही धंस गया है।
ग्रामीणों की चेतावनी: दो दिन में समाधान नहीं तो आंदोलन
ग्राम पंचायत हटौण के पूर्व प्रधान दलीप ठाकुर ने बताया कि 31 अक्तूबर की रात को जमीन धंसने से एक विशालकाय गड्ढा बन गया है, जिससे दो घर और एक स्कूल खतरे की जद में हैं।उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन और एनएचएआई ने दो दिनों में कोई ठोस समाधान नहीं निकाला, तो ग्रामीण आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
प्रभावित परिवार ने मांगा मुआवजा
गांव के प्रभावित निवासी हरदेव शर्मा ने कंपनी प्रबंधन से अपने 1 करोड़ 60 लाख रुपये के नुकसान की भरपाई की मांग की है।
उन्होंने कहा कि टनल निर्माण कार्य के चलते उनके घर को भारी नुकसान हुआ है और अब उनका परिवार बेघर हो गया है।हरदेव शर्मा ने मांग की कि कंपनी इस जमीन का अधिग्रहण कर उचित मुआवजा दे, अन्यथा वे आंदोलन करने को विवश होंगे।
तीसरी बार धंसी दयोड़ गांव की जमीन
यह तीसरी बार है जब दयोड़ गांव की जमीन इस तरह धंसी है।पहले भी यहां बरसात के दिनों में जमीन धंसने से हाईवे कई बार बंद हुआ था।
इस बार जो विशाल गड्ढा बना है, उसे भरना प्रशासन और कंपनी दोनों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।