पानीपत। साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड अधिकारी को अपने झांसे में लेकर 18 दिन तक डिजिटल गिरफ्त में रखा और 42.70 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर पीड़ित को डराया और फर्जी जांच के नाम पर उसके बैंक खातों से रकम ट्रांसफर करवा ली। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, समालखा निवासी सुभाष, जो नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड (एनएफएल) से अधिकारी पद से सेवानिवृत्त हैं, ने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी का निधन हो चुका है और बेटा गुरुग्राम में नौकरी करता है। वे घर पर अकेले रहते हैं। 16 अक्टूबर को उनके फोन पर अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया।
कॉलर ने दावा किया कि नरेश नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसने सुभाष का बैंक खाता 5 लाख रुपये में खरीदा है और इस खाते से दो करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। उसने कहा कि सुभाष को इसमें 10 लाख रुपये कमीशन के रूप में मिले हैं। इसके बाद आरोपियों ने वीडियो कॉल पर नरेश नामक व्यक्ति को दिखाया और कहा कि सुभाष का नाम मामले से हटाने के लिए उन्हें बैंक विवरण और नकदी देनी होगी।
आरोपियों ने पीड़ित को ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर डराया और अलग-अलग बैंक खातों में पैसे भेजने को कहा। इस दौरान 17 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच सुभाष ने 42.70 लाख रुपये आरोपियों द्वारा बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब उन्हें ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने साइबर थाना पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।