Chamba, Manjur Pathan
पर्यटन नगरी डलहौजी में गर्मियों के दौरान पानी की कमी लंबे समय से एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। ऊंचाई वाले इस क्षेत्र में हर वर्ष पर्यटकों की भारी भीड़ के बीच स्थानीय लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या के स्थायी समाधान के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने एक महत्त्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी थी। लगभग 65 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही यह शहरी पेयजल योजना अब अंतिम चरण में पहुँच चुकी है और दिसंबर महीने के अंत तक इसके पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है।
इस योजना के तहत चमेरा बांध–1 से पानी उठाकर डलहौजी शहरी क्षेत्र तक आधुनिक पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से सप्लाई की व्यवस्था की गई है। पूरी प्रणाली को अत्याधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है, जिससे भविष्य में पानी की कमी जैसी समस्या दोबारा न उत्पन्न हो। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद डलहौजी शहर में प्रतिदिन पीने के पानी की सप्लाई सुनिश्चित हो जाएगी।
गौरतलब है कि इस योजना से करीब 45 हजार की आबादी लाभान्वित होगी। परियोजना के पूरी तरह क्रियान्वित होने से न केवल स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी बल्कि पर्यटन के चरम सीज़न में आने वाली समस्याएँ भी काफी हद तक दूर होंगी। बढ़ती पर्यटन गतिविधियों को देखते हुए यह पहल डलहौजी की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जल शक्ति विभाग चंबा के अधीक्षण अभियंता राजेश मोगरा ने बताया कि डलहौजी को जोड़ने वाली इस शहरी पेयजल योजना का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। उनके अनुसार, “हमारी टीम पूरी क्षमता से कार्य कर रही है। दिसंबर के अंत तक यह योजना जनता के लिए समर्पित कर दी जाएगी। परियोजना पर लगभग 65 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और इसके शुरू होते ही 45 हजार की आबादी को प्रतिदिन पर्याप्त पानी उपलब्ध होना सुनिश्चित होगा।”उन्होंने यह भी कहा कि योजना के संचालन में उच्च गुणवत्ता और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है तथा आने वाले वर्षों में भी इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है।