गुड़गांव | फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी स्लीपर सेल का गढ़ बनती जा रही है और दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े मामले में इस विश्वविद्यालय के नाम का खुलासा होने के बाद हरियाणा में हलचल मची हुई है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने इस यूनिवर्सिटी को कोई अनुमति नहीं दी है। यह जानकारी हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने गुड़गांव में रोटरी क्लब द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों को दी।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद हायर एजुकेशन विभाग ने विश्वविद्यालय को अनुमति दी है। उन्होंने कहा, “भले ही हाईकोर्ट ने आदेश दिया हो, लेकिन संबंधित विभाग को विश्वविद्यालय की गतिविधियों और दस्तावेजों की जांच किए बिना मान्यता नहीं देनी चाहिए।”
सिविल अस्पताल निर्माण पर तेजी, टेंडर प्रक्रिया शुरू
आरती राव ने सिविल अस्पताल के निर्माण के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने हाल ही में संबंधित अधिकारियों से चर्चा की थी और पाया कि अस्पताल के निर्माण को हर स्तर से मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जल्द ही अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश में डॉक्टरों की कमी को भी लेकर बताया कि पिछले एक साल में 1100 से अधिक डॉक्टरों की भर्ती की जा चुकी है। इसके अलावा, अस्पतालों में नए उपकरण लगाए गए हैं, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
राव इंद्रजीत के बयान पर सफाई
आरती राव ने राव इंद्रजीत के बयान पर भी टिप्पणी की और कहा कि उन्होंने रिटायरमेंट लेने की बात नहीं कही थी। उनका बयान युवाओं को देश सेवा में आगे बढ़ाने के लिए था।
इस अवसर पर कार्यक्रम में गुड़गांव विधायक मुकेश शर्मा भी मौजूद रहे।