पंचकूला (उमंग श्योराण): हरियाणा सरकार और कारागार विभाग ने कैदियों के पुनर्वास और समाज में मुख्यधारा में लौटने को लेकर एक अहम पहल की है। अंबाला, करनाल, फरीदाबाद, पानीपत और गुरुग्राम जेलों में वोकेशनल ITI कोर्स शुरू किए गए हैं। इन कोर्सों का औपचारिक उद्घाटन 6 दिसंबर को किया जाएगा।
जेल विभाग ने HKRN के साथ समझौता किया है, जिसके तहत प्रशिक्षण ले रहे कैदी रिहा होने के बाद HKRN पोर्टल पर पंजीकरण कर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकेंगे। डीजीपी जेल आलोक कुमार राय ने कहा कि यह पहल कैदियों को नई दक्षताएं सीखने और समाज में अपने पैर जमाने में मदद करेगी।
उन्होंने बताया कि करनाल जेल में हाल ही में पैरोल पर बाहर गए एक कैदी के पेट से करीब 250 नशीले कैप्सूल बरामद हुए। संदेह होने पर जेल कर्मचारियों ने उसका सिटी स्कैन कराया, जिसमें कैप्सूल मिलने की पुष्टि हुई। आरोपी 10 साल की सजा काट रहा है और 28 दिन की पैरोल पर बाहर गया था।
इसके अलावा, डीजीपी ने बताया कि आईपीएस वाई पूरन सिंह के पूर्व गनमैन सुशील कुमार को जेल में जान से मारने की धमकी मिलने के मामले में विभाग की जांच में कोई तथ्य नहीं मिला। सुशील को शिकायत पर रोहतक से अंबाला जेल शिफ्ट किया गया था। वह रिश्वत लेने के आरोप में जेल में बंद है।
डीजीपी ने जोर देकर कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम कैदियों के पुनर्वास में अहम भूमिका निभाएंगे और उन्हें समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान करेंगे।