Shimla, Sanju-: हिमाचल प्रदेश में आगामी शीतकालीन सत्र से पहले भाजपा ने राज्य सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर टकराव का माहौल बनाने का आरोप लगाया है। सर्किट हाउस में आयोजित भाजपा विधायक दल की बैठक में विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तय की गई। बैठक की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने की, जबकि इसमें पार्टी के प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और संगठन महामंत्री सिद्धार्थन भी मौजूद रहे।
बैठक की शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों पर चर्चा से हुई। भाजपा विधायक दल ने एनडीए को मिली बड़ी जीत पर खुशी व्यक्त करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बिहार भाजपा नेतृत्व को बधाई दी गई तथा बिहार की जनता के प्रति आभार जताया गया।
विधायक दल के सचिव रणधीर शर्मा ने बताया कि 26 नवंबर से धर्मशाला में शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष सरकार को कई मुद्दों पर कटघरे में खड़ा करेगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भारी बरसात के दौरान आई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को अभी तक अपेक्षित राहत नहीं मिल सकी है, जिसे लेकर भाजपा सरकार से जवाब मांगेगी।उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर सरकार और राज्य चुनाव आयोग के बीच चल रहे मतभेदों को गंभीर बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश में “संवैधानिक संकट” जैसा वातावरण बन गया है।शर्मा का कहना है कि सरकार चुनाव प्रक्रिया को टालने की कोशिश कर रही है, जिसे भाजपा पूरा मुद्दा बनाकर विधानसभा में उठाएगी।इसके अतिरिक्त प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की गिरती गुणवत्ता जैसे मुद्दों पर भी विपक्ष व्यापक चर्चा की मांग करेगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 4 दिसंबर को धर्मशाला के जोरावर स्टेडियम में भाजपा एक बड़े विरोध प्रदर्शन का आयोजन करेगी। शर्मा ने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार जनविरोधी नीतियों, तानाशाही रवैये और भ्रष्टाचार में लिप्त होने के कारण जनता का विश्वास खो चुकी है।