Shimla,21November-:अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने ममता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आज शिमला स्थित जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। धरने के बाद समिति ने अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
समिति ने बताया कि 16 नवंबर को मंडी जिले में एक महिला पर उसके पति द्वारा एसिड फेंकने की घटना सामने आई थी और गंभीर हालत में उसका उपचार चल रहा था। समिति की मंडी इकाई ने तुरंत जिलाधीश से मिलकर पीड़िता के मुफ्त इलाज की मांग की थी, लेकिन दुखद है कि कल ही पीड़िता की मौत हो गई। समिति ने कहा कि यह घटना न केवल अमानवीय है, बल्कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा का भयावह संकेत है।धरने को संबोधित करते हुए राज्य अध्यक्ष रंजना जरेट ने कहा कि महिलाएँ घर के भीतर भी सुरक्षित नहीं हैं। यह समस्या केवल महिलाओं की नहीं, बल्कि सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक विफलता का परिणाम है। मंडी में यह पहला एसिड अटैक नहीं है—इससे पहले भी दो मामले सामने आ चुके हैं, जबकि शिमला में भी एक मामला हो चुका है।
राज्य सचिव फालमा चौहान ने ज्ञापन में उठाई गई मांगों का उल्लेख करते हुए कहा कि एसिड की बिक्री पर सख्त निगरानी जरूरी है और ऐसे दुकानदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने मृतका के परिवार को तुरंत राहत राशि देने तथा उसके एक बच्चे को सरकारी नौकरी प्रदान करने की मांग की।राज्य कोषाध्यक्ष हिमी ने कहा कि पीड़िता ने सुरक्षा की मांग की थी, लेकिन उसे सुरक्षा नहीं दी गई। यह दर्शाता है कि कानून और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” जैसे नारे तभी सार्थक होंगे जब सरकार जमीन पर प्रभावी कदम उठाएगी।समिति ने मांग की कि आरोपी को कठोरतम सजा दी जाए ताकि समाज में कड़ा संदेश जाए और महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर अंकुश लग सके।