पंचकूला। “स्वदेशी अपनाओ – घर-घर पहुँचाओ” अभियान के तहत पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित शालीमार ग्राउंड में 19 दिसंबर से 28 दिसंबर तक स्वदेशी मेला आयोजित किया जाएगा। इस मेले में 40 से अधिक स्वदेशी स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें भारतीय उत्पाद, स्वदेशी वस्तुएँ, भारतीय कला, संस्कृति और पारंपरिक वेशभूषा की झलक देखने को मिलेगी।
आज आयोजित प्रेस वार्ता में मेले के संयोजक राजेश गोयल ने बताया कि यह मेला पूरी तरह भारतीय संस्कृति और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेले का शुभारंभ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री एवं कई प्रमुख राजनीतिक नेता भी मेले में पहुँचकर स्वदेशी अभियान को मजबूती देंगे और “स्वदेशी की आवाज – जन-जन तक” संदेश को आगे बढ़ाएंगे।
राजेश गोयल ने बताया कि मेले में दर्शकों के लिए पारंपरिक कला, संस्कृति, खाद्य पदार्थ, हैंडीक्राफ्ट, आयुर्वेदिक और घरेलू उपयोग की अनेक स्वदेशी वस्तुएँ उपलब्ध होंगी। स्थानीय कलाकारों को मंच देकर स्वदेशी प्रतिभा को भी उजागर किया जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर भारतीय उत्पादों को अपनाने और बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभाएं।
पंचकूला। “स्वदेशी अपनाओ – घर-घर पहुँचाओ” अभियान के तहत पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित शालीमार ग्राउंड में 19 दिसंबर से 28 दिसंबर तक स्वदेशी मेला आयोजित किया जाएगा। इस मेले में 40 से अधिक स्वदेशी स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें भारतीय उत्पाद, स्वदेशी वस्तुएँ, भारतीय कला, संस्कृति और पारंपरिक वेशभूषा की झलक देखने को मिलेगी।
आज आयोजित प्रेस वार्ता में मेले के संयोजक राजेश गोयल ने बताया कि यह मेला पूरी तरह भारतीय संस्कृति और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेले का शुभारंभ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री एवं कई प्रमुख राजनीतिक नेता भी मेले में पहुँचकर स्वदेशी अभियान को मजबूती देंगे और “स्वदेशी की आवाज – जन-जन तक” संदेश को आगे बढ़ाएंगे।
राजेश गोयल ने बताया कि मेले में दर्शकों के लिए पारंपरिक कला, संस्कृति, खाद्य पदार्थ, हैंडीक्राफ्ट, आयुर्वेदिक और घरेलू उपयोग की अनेक स्वदेशी वस्तुएँ उपलब्ध होंगी। स्थानीय कलाकारों को मंच देकर स्वदेशी प्रतिभा को भी उजागर किया जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर भारतीय उत्पादों को अपनाने और बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभाएं।