चंडीगढ़ | हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी दी कि अगस्त-सितंबर माह में प्रदेश के कई जिलों में हुई भारी बारिश और बाढ़ के कारण किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया गया और नुकसान की त्वरित पहचान के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से अब तक 53,821 किसानों को 116 करोड़ रुपए से अधिक का मुआवजा जारी किया जा चुका है। इसमें बाजरे की फसल के लिए 35 करोड़ 29 लाख, कपास के लिए 27 करोड़ 43 लाख, धान के लिए 22 करोड़ 51 लाख और गवार के लिए 14 करोड़ 10 लाख रुपए की राशि शामिल है। विशेष रूप से चरखी दादरी के किसानों को सर्वाधिक 23 करोड़ 55 लाख, हिसार को 17 करोड़ 82 लाख और भिवानी को 12 करोड़ 15 लाख रुपए दिए गए।
सत्यापन के बाद कुल 1,20,380 एकड़ कृषि क्षेत्र को क्षतिग्रस्त पाया गया। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पिछले 11 वर्षों में किसानों को मुआवजा और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब तक 15,448 करोड़ रुपए की राशि वितरित की जा चुकी है। खरीफ सीजन 2021 में बाजरे को भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया गया, जिसके तहत किसानों को 575 रुपए प्रति क्विंटल की दर से लाभ दिया गया। इस निर्णय के तहत आज 1,57,000 किसानों को 358 करोड़ 62 लाख रुपए बाजरा भावांतर के रूप में प्रदान किए गए।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने शहरी विकास के लिए भी वित्तीय मदद की घोषणा की। EDC फंड से हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पंचकूला व हिसार मेट्रो विकास प्राधिकरण को 1,700 करोड़ रुपए जारी किए गए। इसी वित्त वर्ष में नगर एवं ग्राम योजना विभाग ने शहरी क्षेत्र में बाहरी विकास कार्यों के लिए EDC फंड से 1,500 करोड़ रुपए दिए।
किसानों के ऋण समाधान के लिए मुख्यमंत्री ने एकमुश्त निपटान योजना की शुरुआत भी की। इसके तहत PACS से ऋण लेने वाले किसान यदि अपनी मूल राशि जमा करवाते हैं, तो उनका पूरा बकाया ब्याज माफ कर दिया जाएगा। इस योजना का लाभ 6,81,182 किसानों और गरीब मजदूरों को मिलेगा, जिसमें 2,266 करोड़ रुपए ब्याज माफ किया जाएगा। मृत किसानों के परिवार भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं, उन्हें 900 करोड़ रुपए ब्याज माफ किया जाएगा। यह योजना 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी।