चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने टैक्सी ड्राइवरों को राहत देते हुए वाहनों की समय सीमा से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए प्रावधानों से केवल फरीदाबाद जिले में ही करीब 28 हजार टैक्सी चालकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। यह निर्णय हाल ही में हुई हरियाणा कैबिनेट बैठक में मंजूर किया गया।
सरकार के संशोधित नियमों के अनुसार, फरीदाबाद में पेट्रोल और सीएनजी से चलने वाली टैक्सियों की समय सीमा 9 वर्ष से बढ़ाकर 12 वर्ष कर दी गई है। वहीं डीजल टैक्सियों की अवधि अब 10 वर्ष निर्धारित की गई है, जो पहले इससे कम थी। फरीदाबाद में लागू नई समय सीमा के लिए आरटीओ विभाग को जल्द ही सरकार की ओर से लिखित आदेश जारी किया जाएगा।
आरटीओ फरीदाबाद के अधिकारी मनीष सहगल ने बताया कि सरकार का निर्णय विभाग तक पहुंच चुका है, लेकिन आधिकारिक आदेश मिलते ही इसे तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया जाएगा। जिले में वर्तमान में 28,000 टैक्सियां रजिस्टर्ड हैं, जिनमें लगभग 20,950 पेट्रोल/सीएनजी और 4,279 डीजल गाड़ियां शामिल हैं। केवल 6 टैक्सियां ऐसी हैं जो पूरी तरह सीएनजी पर चलती हैं।
सरकार ने एनसीआर को छोड़कर पूरे हरियाणा में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी टैक्सियों की अवधि 12 साल तय कर दी है। इसके साथ ही ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाली वाहनों की समय सीमा भी पूरे प्रदेश में 12 साल ही रहेगी।
सरकार का मानना है कि समय सीमा बढ़ने से टैक्सी ऑपरेटरों पर आर्थिक बोझ कम होगा, क्योंकि बार-बार गाड़ी बदलने की मजबूरी खत्म होगी। इससे परिवहन ढांचे को मजबूती मिलेगी और दूसरे राज्यों के टैक्सी चालक भी हरियाणा में अपनी सेवाएं सुगमता से दे सकेंगे।