बिलासपुर | हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा चिट्ठे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को लेकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को महज एक इवेंट की तरह नहीं, बल्कि पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ चलाया जाना चाहिए। सरकार को चाहिए कि इस मुहिम में सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़े, ताकि अभियान जमीन स्तर पर प्रभावी ढंग से उतर सके।
जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में नशे के खिलाफ गंभीर है, तो उसे योजनाबद्ध तरीके से काम करना होगा। केवल कुछ मिनटों के लिए फोटो खिंचवाने से नशा खत्म नहीं होगा। अभियान में निरंतरता, ईमानदारी और ठोस रणनीति जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक यह अभियान गैर-जिम्मेदाराना तरीके से चलाया गया है, जिससे अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आ रहे।
उन्होंने बिलासपुर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां महिला मंडल चिट्ठे के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ रहे हैं। कड़ाके की ठंड में महिलाएं अपने गांवों में रात-दिन पहरा दे रही हैं और नशा तस्करों को पकड़ने की मुहिम चला रही हैं, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन्हीं महिला मंडलों पर मामले दर्ज किए जा रहे हैं। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई नशा तस्करों के दबाव में की जा रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि महिला मंडलों पर दर्ज सभी मामलों को तुरंत वापस लिया जाए।
केंद्र से मदद न मिलने के आरोपों पर पलटवार करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार से भरपूर सहयोग मिल रहा है। हाल ही में केंद्र ने 602 करोड़ रुपये जारी किए हैं और इस वर्ष का शेष पैसा भी जल्द मिलेगा। उन्होंने कहा कि बार-बार केंद्र सरकार को कोसना उचित नहीं है। असली सवाल यह है कि जो पैसा आ रहा है, वह आपदा प्रभावित लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं। इस मुद्दे पर विधानसभा में सवाल उठाए गए, लेकिन मुख्यमंत्री संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
अंत में जयराम ठाकुर ने प्रदेश और देशवासियों को नए साल की शुभकामनाएं दीं और कहा कि नए साल पर सभी को संकल्प लेना चाहिए कि हिमाचल को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करेंगे। साथ ही उन्होंने युवाओं से अपील की कि बढ़ते नशे के चलन से दूर रहें और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएं।