Facebook-f Youtube X-twitter

हैती को ट्रंप की कड़ी चेतावनी, सत्ता में फेरबदल हुआ तो अमेरिका करेगा कार्रवाई

हैती । हैती में जारी राजनीतिक संकट के बीच अमेरिका ने कड़ा रुख अपनाते हुए खुली चेतावनी दी है। वॉशिंगटन ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि सत्ता में बैठे लोग देश को और अस्थिर करने की कोशिश करते हैं, तो अमेरिका मूकदर्शक नहीं बनेगा। इस चेतावनी से हैती की राजनीति में तनाव और गहरा गया है।

अमेरिका ने हैती की ट्रांजिशनल प्रेसिडेंशियल काउंसिल को स्पष्ट रूप से आगाह किया है कि वह मौजूदा सरकार की संरचना में किसी भी प्रकार का बदलाव न करे। हैती में अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया के माध्यम से जारी बयान में कहा कि गैर-निर्वाचित परिषद यदि अपने कार्यकाल के अंतिम चरण में सरकार बदलने का प्रयास करती है, तो इसे देश की सुरक्षा और स्थिरता के खिलाफ माना जाएगा और ऐसा कदम स्वीकार्य नहीं होगा।

अमेरिकी दूतावास ने यह भी चेतावनी दी कि जो लोग गिरोहों के हितों को आगे बढ़ाने वाली पहलों का समर्थन करेंगे, वे न केवल हैती बल्कि पूरे क्षेत्र और अमेरिका के हितों के विरुद्ध काम करेंगे। ऐसे मामलों में अमेरिका “उचित कार्रवाई” करने से पीछे नहीं हटेगा।

यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रांजिशनल काउंसिल के कुछ सदस्यों और मौजूदा प्रधानमंत्री एलिक्स डिडियर फिल्स-एमी के बीच मतभेद की खबरें सामने आ रही हैं। हालांकि, इन मतभेदों के कारणों को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी साझा नहीं की गई है।

अमेरिकी विदेश विभाग के वेस्टर्न हेमिस्फेयर ब्यूरो ने भी तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि हैती की पुरानी अस्थिरता के पीछे भ्रष्ट राजनेताओं की अहम भूमिका रही है, जो गिरोहों का इस्तेमाल अराजकता फैलाने के लिए करते हैं और फिर उसी अराजकता के नाम पर सत्ता पर कब्जा करने की कोशिश करते हैं। विभाग ने कहा कि स्थायी समाधान केवल लोकतांत्रिक जनसमर्थन से ही संभव है, न कि हिंसा और भय के जरिए। बयान में यहां तक कहा गया कि इस रास्ते पर चलने वाले परिषद सदस्य देशभक्त नहीं, बल्कि गिरोहों के साथ साठगांठ करने वाले लोग हैं।

इस पूरे घटनाक्रम पर हैती के प्रधानमंत्री कार्यालय ने टिप्पणी करने से इनकार किया है। वहीं, ट्रांजिशनल काउंसिल के प्रमुख लॉरेंट सेंट-सिर ने बयान जारी कर कहा कि वे 7 फरवरी से पहले सरकार की स्थिरता को कमजोर करने वाले किसी भी कदम के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि कार्यकाल के अंत में लिया गया कोई भी गैर-जिम्मेदार फैसला देश में भ्रम, अविश्वास और अराजकता को बढ़ा सकता है, जिसका सीधा असर पहले से संकट झेल रही जनता पर पड़ेगा।

हैती में राजनीतिक संकट कोई नया नहीं है। जुलाई 2021 में राष्ट्रपति जोवेनेल मोइसे की हत्या के बाद से देश लगातार अस्थिरता का सामना कर रहा है। अप्रैल 2024 में कैरिबियन देशों की मध्यस्थता से ट्रांजिशनल प्रेसिडेंशियल काउंसिल का गठन किया गया था, जब गिरोह हिंसा के बीच तत्कालीन प्रधानमंत्री एरियल हेनरी को इस्तीफा देना पड़ा था।

इस काउंसिल का मुख्य उद्देश्य नए प्रधानमंत्री की नियुक्ति कर देश में स्थिरता बहाल करना था। फिल्स-एमी को नवंबर 2025 में तीसरे प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया था। काउंसिल का कार्यकाल 7 फरवरी 2026 को समाप्त होना है, लेकिन इसे लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल जनवरी से नवंबर के बीच हैती में 8,100 से अधिक हत्याएं दर्ज की गईं, जबकि गिरोहों के नियंत्रण वाले इलाकों तक सीमित पहुंच के कारण वास्तविक आंकड़े इससे कहीं अधिक हो सकते हैं।

अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र दोनों ने हैती के नेताओं से आपसी मतभेद भुलाकर संस्थागत निरंतरता बनाए रखने और चुनावी प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की है। हालांकि मौजूदा हालात में सवाल यही बना हुआ है कि क्या हैती इस राजनीतिक खींचतान से बाहर निकल पाएगा या अस्थिरता का यह दौर और गहराएगा।

Karuna

infosummerexpress@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending

कुल्लू में कूड़ा डंपिंग साइट को लेकर बढ़ा विरोध, समाधान न हुआ तो चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

कुल्लू,17 अप्रैल -:नगर परिषद कुल्लू के वार्ड नंबर 3 में स्थित कूड़ा डंपिंग साइट को हटाने की मांग अब तेज हो गई है। स्थानीय निवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त अनुराग चंद्र शर्मा से मिला और समस्या के जल्द समाधान की मांग रखी। लोगों का कहना है कि शहर के बीचों-बीच, सरवरी नदी के पास बनाई...

20 अप्रैल तक प्रदेश में मौसम रहेगा खराब, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना

शिमला, संजू-: हिमाचल प्रदेश में अप्रैल का आधा महीना बीत जाने के बावजूद मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 17 से 19 अप्रैल के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और ऊंचे इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है। इससे तापमान में गिरावट आएगी...

हिमाचल कैबिनेट के बड़े फैसले: किसानों को MSP राहत और 1500 पदों को मंजूरी

शिमला, संजू-:हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें रोजगार, कृषि और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी दी। सरकार ने विभिन्न विभागों में लगभग 1500 नए पद सृजित करने को मंजूरी दी...

गैंगस्टर से जान से मारने की धमकी मिली: मासूम शर्मा का बड़ा दावा

Summer express, चंडीगढ़। हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उन्हें गैंगस्टर की ओर से जान से मारने की धमकी मिली थी। उन्होंने कहा कि उनके अमेरिका में रह रहे भाई को फोन कर धमकाया गया और कहा गया कि “मासूम का 20-25 करोड़ रुपये का बीमा करवा लो, उसके...

स्वारघाट के बलिया में छात्रों पर नशे का आरोप, ग्रामीणों ने मौके पर पकड़ा

बिलासपुर,सुभाष-:बिलासपुर जिले के स्वारघाट उपमंडल के बलिया क्षेत्र में कुछ छात्रों को कथित तौर पर नशा करते हुए पकड़ने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, स्थानीय ग्रामीणों को लंबे समय से इलाके में युवाओं की संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत मिल रही थी।इसी के चलते ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर कुछ छात्रों को घेर...

हम लाते हैं तेज़, साफ़ और भरोसेमंद ख़बरें — शोर के बीच भी सच्चाई तक पहुंचाने वाली।
चाहे ब्रेकिंग न्यूज़ हो या आपके लिए अहम कहानियाँ, हर दिन हम देते हैं समझदारी और रोचक अंदाज़ में कवरेज।

Must Read

©2025- All Right Reserved.