धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के गगल निवासी डॉ. मनु शर्मा ने चिकित्सा क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए राज्य की पहली महिला रेटिना विशेषज्ञ बनने का गौरव हासिल किया है। डॉ. शर्मा को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों और पेशेवर दक्षता के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है, जिससे पूरे प्रदेश में गर्व का माहौल है।
डॉ. मनु शर्मा ने विट्रियोरेटिनल सर्जरी की उप-विशेषता में ऑल इंडिया ऑप्थल्मोलॉजिकल सोसाइटी की प्रतिष्ठित फेलोशिप परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की और इस उपलब्धि पर उन्हें स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। वर्तमान में वह पीजीआई चंडीगढ़ में विट्रियोरेटिनल सर्जरी में एमसीएच (मास्टर ऑफ सर्जरी) की पढ़ाई कर रही हैं।
ऑल इंडिया ऑप्थल्मोलॉजिकल सोसाइटी द्वारा आयोजित दीक्षांत समारोह 1 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे और उन्होंने डॉ. शर्मा को गोल्ड मेडल और फेलोशिप प्रमाणपत्र प्रदान किया। समारोह में देशभर के नामी नेत्र रोग विशेषज्ञों ने भी शिरकत की, जिनमें ऑल इंडिया ऑप्थल्मोलॉजिकल सोसाइटी कॉलेजियम बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. ललित वर्मा, ऑल इंडिया ऑप्थल्मोलॉजिकल सोसाइटी अध्यक्ष डॉ. पार्थ बिस्वास और महासचिव डॉ. संतोष होनावर प्रमुख रूप से शामिल रहे।
इसके अलावा डॉ. मनु शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उन्होंने 5 और 6 फरवरी को हांगकांग में एशिया-प्रशांत नेत्र विज्ञान अकादमी द्वारा आयोजित सम्मेलन में बेस्ट फोटो प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर भारत और हिमाचल का नाम रोशन किया।
डॉ. मनु शर्मा हिमाचल प्रदेश की पहली महिला रेटिना गोल्ड मेडलिस्ट भी बन चुकी हैं। इस उपलब्धि को कांगड़ा जिला ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए बड़ी प्रेरणा माना जा रहा है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद वह हिमाचल प्रदेश में ही सेवाएं देने का संकल्प रखती हैं और प्रदेश में उन्नत नेत्र चिकित्सा सेवाओं को मजबूत बनाने में योगदान देंगी।