Facebook-f Youtube Summer Express - Header One X-twitter

लंबे ड्राईस्पेल से बढ़ा वनाग्नि का खतरा, धर्मशाला वन मंडल की 50 बीट अति संवेदनशील

धर्मशाला, राहुल-:सर्दियों में पर्याप्त बारिश न होने और लंबे ड्राईस्पेल के चलते जिला कांगड़ा के धर्मशाला वन मंडल में जंगलों में आग लगने का खतरा बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए वन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है और फायर सीजन को लेकर समय से पहले ही तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। विभाग ने 15 मार्च से 15 जून तक स्टाफ की छुट्टियां रद्द करने का निर्णय लिया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

धर्मशाला वन मंडल के तहत आने वाली करीब 70 वन बीटों में से 50 बीट को फॉरेस्ट फायर की दृष्टि से अति संवेदनशील माना गया है। यही कारण है कि विभाग इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी रख रहा है। मंडल के अंतर्गत कुल 61 हजार हेक्टेयर वन क्षेत्र आता है, जिसमें से लगभग 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में चीड़ के पेड़ हैं। चीड़ के जंगलों में सूखी पत्तियों और रेजिन के कारण आग बहुत तेजी से फैलने की संभावना रहती है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।आम तौर पर फॉरेस्ट फायर सीजन 15 अप्रैल से शुरू होता है, लेकिन इस बार बारिश कम होने और सूखे की स्थिति के कारण विभाग ने तैयारियां पहले ही शुरू कर दी हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में धर्मशाला वन मंडल के अंतर्गत जंगलों में आग लगने के इक्का-दुक्का मामले भी सामने आ चुके हैं, जिसके चलते सतर्कता और बढ़ा दी गई है।

डीएफओ धर्मशाला अमित शर्मा ने बताया कि इस बार सर्दियों में केवल एक बार ही बारिश हो पाई है। लंबे समय से सूखा रहने के कारण वन क्षेत्र फायर सीजन के लिहाज से काफी संवेदनशील हो गए हैं। उन्होंने बताया कि वनों में खरसू ओक, खैर और चीड़ जैसे पेड़ बड़ी संख्या में मौजूद हैं और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए आग लगने का खतरा बना हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए फायर सीजन से करीब 15 दिन पहले ही आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।उन्होंने बताया कि वनाग्नि से निपटने के लिए रेंज स्तर पर पांच-पांच टीमों का गठन किया गया है, जो संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखेंगी। वहीं डिवीजन स्तर पर एसीएफ की अध्यक्षता में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से पूरे क्षेत्र की स्थिति पर नजर रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

अमित शर्मा ने बताया कि धर्मशाला वन मंडल के अंतर्गत कुल 72 वन बीट हैं, जिनमें से करीब 70 प्रतिशत यानी 50 बीट को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। ऐसे में विभाग ने स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी जंगल में आग लगने की घटना दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दें और आग बुझाने में फील्ड स्टाफ का सहयोग करें, ताकि समय रहते बड़े नुकसान को रोका जा सके।

Chandrika

chandrika@summerexpress.in

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending

पहाड़ी कवि सम्मेलन में उठी हिमाचली पहाड़ी बोली को संवैधानिक दर्जा देने की मांग

Summer express/मंडी,धर्मवीर-:देश की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाली छोटी काशी मंडी से एक बार फिर पहाड़ी बोली के संरक्षण और संर्वधन की मांग उठी है। सोमवार को शहर में आयोजित हुए पहाड़ी कवि सम्मेलन के माध्यम से पहाड़ी कवियों ने इसके संरक्षण और संवर्धन की मांग उठाई है। इस कवि सम्मेलन में कुल्लू, मंडी और...

नूरपुर में कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक, 2027 चुनाव की तैयारियों पर हुआ मंथन

Summer express/संजीव महाजन/नूरपुर-:नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के लोक निर्माण विभाग (PWD) विश्राम गृह में कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पूर्व विधायक अजय महाजन ने की, जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत करते हुए संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया।...

लंबित देनदारियों और डीए पर अधिसूचना की मांग, पेंशनरों ने सरकार को दिया अल्टीमेटम

Summer express/शिमला/संजू -:हिमाचल प्रदेश संयुक्त पेंशनर संघर्ष समिति ने राज्य सरकार से 31 जुलाई तक छठे वेतन आयोग की लंबित देनदारियों और महंगाई भत्ते की लंबित किश्तों पर अधिसूचना जारी करने की मांग की है। समिति का कहना है कि यदि तय समय सीमा तक सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया तो 8 अगस्त को...

अंबाला में गो सेवकों ने गाय को राष्ट्रीय माता घोषित करने की उठाई मांग

Summer express, अंकुर कपूर , अंबाला। गो सेवा, गो रक्षा और गो सम्मान की मांग को लेकर सोमवार को अंबाला में ‘गो सम्मान आवाहन अभियान’ के तहत बड़ी संख्या में गो सेवक और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एकत्रित हुए। इस दौरान उन्होंने सरकार के नाम ज्ञापन सौंपकर गाय को राष्ट्रीय माता का दर्जा देने की...

हिमाचल में 31 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों के लिए ऑरेंज चेतावनी जारी

Summer express/शिमला, संजू-;हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और आने वाले दिनों में मौसम के और अधिक खराब होने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 28 जुलाई से 31 जुलाई तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।...
Summer Express - header one

हम लाते हैं तेज़, साफ़ और भरोसेमंद ख़बरें — शोर के बीच भी सच्चाई तक पहुंचाने वाली।
चाहे ब्रेकिंग न्यूज़ हो या आपके लिए अहम कहानियाँ, हर दिन हम देते हैं समझदारी और रोचक अंदाज़ में कवरेज।

Must Read

©2025- All Right Reserved.