Summer Express,नई दिल्ली | गुरुवार को शेयर बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया। वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों और मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली। कारोबार शुरू होते ही प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में आ गए और शुरुआती सत्र में ही बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
कारोबार की शुरुआत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स करीब 978 अंक गिरकर 75,871 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 275 अंक से अधिक फिसलकर लगभग 23,556 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार में गिरावट का असर अधिकांश सेक्टरों पर पड़ा और बड़ी संख्या में शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखे।
विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर आशंकाएं गहराई हैं। इसके साथ ही देश में एलपीजी आपूर्ति को लेकर सामने आ रही खबरों ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया है। निवेशकों को आशंका है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है और इसका असर कंपनियों के मुनाफे पर भी पड़ सकता है।
गुरुवार के कारोबार में कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। जोमैटो, इंडिगो और आईसीआईसीआई बैंक जैसे बड़े शेयरों में बिकवाली देखने को मिली, जिससे बाजार का दबाव और बढ़ गया। हालांकि, इस गिरावट के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर शुरुआती कारोबार में मजबूती के साथ हरे निशान में नजर आया।
बाजार में चौतरफा बिकवाली का असर यह रहा कि बड़ी संख्या में कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में करीब 1,500 से अधिक शेयर लाल निशान में रहे, जबकि बहुत कम शेयरों में बढ़त देखने को मिली।
विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक हालात के चलते निकट भविष्य में बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।