Summer Express, यमुनानगर | ट्विन सिटी यमुनानगर-जगाधरी में हर साल मानसून के दौरान होने वाले जलजमाव से राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने इस बार व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके तहत 343 नालों की जीआईएस मैपिंग कराई गई है और उनकी सफाई छह चरणों में करवाई जाएगी, ताकि पूरे साल नालों का रखरखाव सुनिश्चित किया जा सके।
नगर निगम के अनुसार, इस योजना में तीन बड़े और 340 छोटे नालों को शामिल किया गया है। बड़े नालों की कुल लंबाई करीब 25 किलोमीटर और छोटे नालों की लगभग 134 किलोमीटर है। इनकी सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे। खास बात यह है कि इस बार सफाई एजेंसी को भुगतान नालों से निकाली गई गाद और कचरे के वजन के आधार पर किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
अधिकारियों का कहना है कि पहले नालों की सफाई सीमित चरणों में होती थी, लेकिन अब इसे छह चरणों में पूरे साल चलाया जाएगा, ताकि मानसून के समय नाले ओवरफ्लो न हों। इसके साथ ही हर नाले की जीआईएस मैपिंग के जरिए सफाई कार्य की निगरानी भी आसान हो जाएगी।
हालांकि, कई स्थानों पर नालों के ऊपर निर्माण और अतिक्रमण होने के कारण सफाई कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। निगम प्रशासन का कहना है कि इन समस्याओं को भी चरणबद्ध तरीके से दूर किया जाएगा।
हर साल समय पर सफाई न होने के कारण जगाधरी और यमुनानगर के कई इलाके जलभराव से प्रभावित होते रहे हैं, जिससे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। इस बार नई योजना के जरिए इन समस्याओं को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
मेयर सुमन बहमनी ने कहा कि मानसून को देखते हुए इस बार विशेष रणनीति बनाई गई है और नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सफाई कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।