Summer express,फरीदाबाद। शहर के वार्ड-3 में रहने वाले ओमकुमार और उनके परिवार को पिछले कई दिनों से रसोई गैस की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। परिवार में छह मासूम बेटियां हैं, जिनके लिए घर में खाना बनाना अब बड़ी चुनौती बन गया है। इंडियन गैस एजेंसी के दोनों सिलेंडर खाली होने के कारण ओमकुमार परिवार लगातार भूखे रहने को मजबूर है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, लंबी कतारों और भारी भीड़ के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। ईंधन की कमी के कारण बच्चों के लिए खाना बनाना लगभग असंभव हो गया है। ओमकुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “छह मासूम बेटियों का सवाल है,आखिर कब तक हम भूखे रहेंगे? प्रशासन की चुप्पी और गैस एजेंसी की लंबी कतारें हमारे लिए भारी पड़ रही हैं।”
सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी अपील की गई है कि इस मामले को तुरंत संज्ञान में लिया जाए। अनुरोध किया गया है कि फरीदाबाद प्रशासन और संबंधित गैस एजेंसी को निर्देशित किया जाए ताकि परिवार को जल्द से जल्द गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा सके और मासूम बच्चों को भूखा सोने न पड़े।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि छोटे-छोटे परिवारों की जरूरतों की अनदेखी न की जाए। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि रसोई गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और गरीब परिवारों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
फरीदाबाद में यह मामला समाज और प्रशासन के लिए एक चेतावनी के रूप में सामने आया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि छोटे परिवारों की बुनियादी जरूरतों को नजरअंदाज करना गंभीर सामाजिक समस्या बन सकता है।