बिलासपुर, सुभाष: झंडूता क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्योरा से जुड़ा परीक्षा परिणाम विवाद अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। उत्तर पुस्तिकाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्रों और उनके अभिभावकों ने बिलासपुर के सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता कर कई अहम खुलासे किए हैं।
प्रेसवार्ता में अंकित कुमार, मोनिका, अंजली, श्रेष्ठा भारती, शालिनी, निधि शर्मा और अक्षय कुमार सहित कई छात्र-छात्राएं अपने अभिभावकों के साथ मौजूद रहे। परिजनों में देशराज, विक्की, भोला देवी और संजय गौतम समेत अन्य लोगों ने भी अपनी बात रखी।उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं, जिससे छात्रों के भविष्य पर असर पड़ा है।अभिभावकों के अनुसार, इन छात्रों का परीक्षा केंद्र झंडूता में बनाया गया था। परीक्षा संपन्न होने के बाद उत्तर पुस्तिकाएं कुछ समय तक संबंधित स्कूल में ही रखी गईं और बाद में उन्हें बोर्ड कार्यालय भेजा गया। जब परीक्षा परिणाम घोषित हुआ, तो विशेष रूप से ड्राइंग विषय में छात्रों को अपेक्षा से बेहद कम अंक मिले, जिससे संदेह पैदा हुआ।मामले की शिकायत स्कूल शिक्षा बोर्ड में दर्ज करवाई गई, जिसके बाद हुई फॉरेंसिक जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर उत्तर पुस्तिकाओं की लिखावट और उत्तरों में छेड़छाड़ (टेंपरिंग) की पुष्टि की गई है। इससे यह मामला और गंभीर हो गया है।
परिजनों का कहना है कि इस गड़बड़ी के कारण कई होनहार छात्र मेरिट सूची से बाहर हो गए। उनका यह भी दावा है कि यह मामला केवल ज्योरा स्कूल के 11 छात्रों तक ही सीमित है, जो अपने आप में संदेह पैदा करता है।इसके अलावा, उन्होंने परीक्षा आयोजन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जिस केंद्र पर परीक्षा आयोजित की गई, उसी स्थान को एग्जामिनेशन कलेक्शन सेंटर भी बना दिया गया, जो नियमों के विपरीत है।प्रेसवार्ता के दौरान परिजनों ने प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करवाई जाए। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।