Summer express/ शिमला,संजू -: हिमाचल प्रदेश में 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। यूनियन ने सीटू के बैनर तले 132 घंटे की इस हड़ताल का ऐलान किया है, जो 5 अप्रैल रात 8 बजे से शुरू होकर 11 अप्रैल सुबह 8 बजे तक जारी रहेगी। इस दौरान कर्मचारी शिमला में सचिवालय के समीप पांच दिनों के महापड़ाव पर बैठ गए हैं।
हड़ताल के चलते कई इलाकों में एंबुलेंस सेवाएं बाधित हो रही हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
यूनियन के अध्यक्ष सुनील दत्त ने आरोप लगाया कि नेशनल हेल्थ मिशन के तहत मेडस्वान फाउंडेशन के अधीन कार्यरत पायलट, कैप्टन और ईएमटी कर्मचारियों का लंबे समय से शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को निर्धारित न्यूनतम वेतन तक नहीं मिल रहा है, जबकि उनसे 12-12 घंटे काम लिया जाता है। इतना ही नहीं, ओवरटाइम का भुगतान भी नहीं किया जाता।उन्होंने यह भी बताया कि उच्च न्यायालय, लेबर कोर्ट, सीजेएम कोर्ट शिमला और श्रम विभाग के आदेशों के बावजूद कर्मचारियों की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। यूनियन के अनुसार, अपनी मांगें उठाने पर कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है और यूनियन नेताओं का तबादला या उन्हें नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर किया जाता है।
इसके अलावा ईपीएफ और ईएसआई में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि दोनों हिस्से उनके वेतन से ही काटे जा रहे हैं, जिससे हर महीने आर्थिक नुकसान हो रहा है। साथ ही, पहले जीवीके ईएमआरआई के तहत कार्यरत कर्मचारियों को सेवा समाप्ति के बाद ग्रेच्युटी, नोटिस पे और अन्य बकाया राशि भी नहीं दी गई।कर्मचारियों ने सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की है, ताकि एंबुलेंस सेवाएं सुचारु रूप से बहाल हो सकें।