धर्मशाला, राहुल-:धर्मशाला के राजकीय महाविद्यालय की पूर्व छात्रा दिव्या ज्योति कटोच ने महज 22 वर्ष की आयु में हिमाचल प्रशासनिक सेवा (एचएएस) परीक्षा उत्तीर्ण कर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उनकी इस सफलता ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र और महाविद्यालय को गौरवान्वित किया है। वर्तमान में वह उपायुक्त कार्यालय कांगड़ा, धर्मशाला में बतौर तहसीलदार प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं, जहां वे प्रशासनिक कार्यों की बारीकियों को सीख रही हैं।
महाविद्यालय पहुंचने पर दिव्या का जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य प्रोफेसर राकेश पठानिया, अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. नरेश शर्मा सहित अन्य शिक्षकों और स्टाफ ने उन्हें सम्मानित किया। सभी ने उनकी इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
प्राचार्य प्रोफेसर राकेश पठानिया ने कहा कि दिव्या की सफलता उनके कठिन परिश्रम और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि इस उपलब्धि से महाविद्यालय का नाम रोशन हुआ है और यह अन्य छात्रों को भी प्रेरित करेगी। वहीं डॉ. नरेश शर्मा ने बताया कि दिव्या शुरू से ही एक मेधावी छात्रा रही हैं और उनकी पढ़ाई के प्रति लगन ही उन्हें इस मुकाम तक लेकर आई है।
राजनीतिक विज्ञान विभाग के सह आचार्य प्रो. अश्वनी चौधरी और प्रोफेसर प्रोफेसर संजय ने भी गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि दिव्या का लक्ष्य के प्रति समर्पण अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि उनकी सफलता यह दर्शाती है कि सही दिशा, कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
धर्मशाला के सिविल लाइन क्षेत्र की निवासी दिव्या ज्योति कटोच ने वर्ष 2024 में स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी, जिसमें उन्होंने राजनीतिक विज्ञान विषय का चयन किया। वर्ष 2025 में उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में एचएएस परीक्षा पास कर यह मुकाम हासिल किया, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।दिव्या ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता भूपिंदर चंद कटोच और अनुपमा कटोच के साथ-साथ अपने शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने हर कदम पर उनका मार्गदर्शन किया और उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।उन्होंने छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि किसी भी परीक्षा में सफलता पाने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और सही रणनीति बेहद आवश्यक है। दिव्या ने यह भी बताया कि कॉलेज के दौरान समूह चर्चा से उन्हें काफी लाभ मिला और कुछ समय तक उन्होंने कोचिंग लेकर अपनी तैयारी को और मजबूत किया।विशेष रूप से बेटियों के लिए उन्होंने प्रेरणादायक संदेश दिया कि यदि वे सही योजना और दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ें, तो कोई भी बाधा उन्हें रोक नहीं सकती। दिव्या ज्योति कटोच की यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।