Summer express, रेवाड़ी | रेवाड़ी के भिवाड़ी क्षेत्र में एक नाबालिग के साथ कथित रूप से थर्ड डिग्री यातना देने का मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। इस मामले में यूआईटी थाना प्रभारी दारा सिंह मीणा समेत चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों पर मारपीट और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
परिजनों का आरोप है कि भिवाड़ी फेस-3 थाना पुलिस के कुछ कर्मचारी उनके घर पहुंचे और 16 वर्षीय किशोर को जबरन अपने साथ ले गए। परिवार के अनुसार, उस समय बच्चा पूरी तरह स्वस्थ था। बाद में उसे थाने में बुरी तरह पीटा गया। परिजनों का कहना है कि एक फोन कॉल के दौरान लड़का रोते हुए मदद मांग रहा था और खुद पर हो रही मारपीट की जानकारी दे रहा था।
परिवार ने आरोप लगाया कि अगले दिन जब वे थाने पहुंचे तो उन्हें बच्चे से मिलने नहीं दिया गया। कुछ समय बाद पुलिस की ओर से सूचना दी गई कि नाबालिग को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल पहुंचने पर परिजनों ने उसे गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर पाया। बाद में उसे जयपुर के एक अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में पुलिसकर्मियों ने उन्हें वीडियो और फोटो बनाने से रोका और रिकॉर्डिंग हटवाने का दबाव बनाया।
घटना के विरोध में परिवार और स्थानीय लोगों ने कांग्रेस नेताओं के साथ मिलकर प्रदर्शन किया। बढ़ते दबाव के बाद देर रात पुलिस ने मामला दर्ज किया।
वहीं, भिवाड़ी एसपी ब्रजेश उपाध्याय ने बताया कि नाबालिग के फेफड़ों में संक्रमण पाया गया है और फिलहाल उसका जयपुर के निम्स अस्पताल में इलाज चल रहा है। मामले की जांच एडिशनल एसपी को सौंपी गई है और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।