Summer express/धर्मशाला, राहुल -:धर्मशाला के समीप प्रस्तावित एयरो सिटी परियोजना को लेकर अब विवाद गहराता जा रहा है। कांगड़ा एयरपोर्ट के आसपास आने वाले गांवों के ग्रामीणों ने सरकार द्वारा तय किए गए मुआवजे पर कड़ा विरोध जताया है। उनका कहना है कि उन्हें एयरपोर्ट विस्तार के दौरान दिए गए मुआवजे के बराबर भुगतान किया जाए, अन्यथा वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
मंगलवार को महाल भड़ोत के कई ग्रामीणों ने डीसी कांगड़ा हेमराज बैरवा से मुलाकात कर अपनी मांगों को सामने रखा। ग्रामीणों का कहना है कि एयरो सिटी के लिए अधिग्रहित की जा रही जमीन के बदले उन्हें मात्र 3 से 4 लाख रुपये प्रति कनाल का मुआवजा प्रस्तावित किया गया है, जबकि कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार के दौरान प्रभावित लोगों को करीब 21 लाख रुपये प्रति कनाल दिए गए थे। ऐसे में यह अंतर उनके साथ अन्याय है।ग्रामीण प्रतिनिधियों वीर सिंह, देशराज और नरेंद्र कुमार ने बताया कि जिस जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है, वह अत्यंत उपजाऊ है और इसी पर उनकी आजीविका निर्भर करती है। उनका यह भी कहना है कि मौजूदा सर्कल रेट काफी कम है और इस दर पर जमीन देना उनके लिए संभव नहीं है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पास के महाल जुगेहड़ के सर्कल रेट के आधार पर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे और भूमि अधिग्रहण का विरोध करेंगे।इस मुद्दे ने अब प्रशासन के लिए चुनौती खड़ी कर दी है, क्योंकि परियोजना के साथ-साथ स्थानीय लोगों की सहमति भी जरूरी है।