Summer express, संजु ,शिमला। राजधानी शिमला के चमियाना स्थित अटल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों के लिए चल रही लंगर सेवा को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। समाजसेवी और ‘वेला सरदार’ के नाम से पहचान रखने वाले सरबजीत सिंह बॉबी ने अस्पताल प्रशासन और प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हाईकोर्ट के दो बार आदेश देने के बावजूद आज तक लंगर सेवा के लिए अस्पताल परिसर में उचित जगह उपलब्ध नहीं करवाई गई।
मीडिया से बातचीत में बॉबी ने सरकार और सिस्टम पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चमियाना अस्पताल में जो भी मूलभूत सुविधाएं दिखाई दे रही हैं, वे जनप्रतिनिधियों की पहल से नहीं बल्कि अदालत के हस्तक्षेप के बाद संभव हुई हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल तक बस सेवा और बिजली जैसी सुविधाएं भी कोर्ट के आदेशों के बाद शुरू हुईं।
सरबजीत सिंह बॉबी ने सवाल उठाया कि अगर लंगर, रैन बसेरा और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए भी अदालत को दखल देना पड़े, तो फिर सरकार और जनप्रतिनिधियों की आवश्यकता क्या है।
उन्होंने बताया कि पिछले सात महीनों से बिना किसी स्थायी छत के लंगर सेवा चलाई जा रही है, जहां रोजाना करीब 4000 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है। सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक चलने वाली इस सेवा के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों से रोटियां एकत्रित की जाती हैं, जबकि खाना आईजीएमसी से तैयार होकर चमियाना पहुंचता है।
बॉबी के अनुसार, अस्पताल परिसर में उचित व्यवस्था न होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को सड़क किनारे खुले में बैठकर भोजन करना पड़ता है। बारिश के दौरान हालात और भी खराब हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल मार्ग पर न तो शौचालय की सुविधा है और न ही पीने के पानी या जलपान की समुचित व्यवस्था।
समाजसेवी बॉबी ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर सरकार महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर महिलाएं अस्पताल के बाहर सड़क किनारे बैठकर भोजन करने को मजबूर हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि सरकार चाहे तो एक रात में सारी व्यवस्थाएं बदली जा सकती हैं, लेकिन इच्छाशक्ति की कमी साफ दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर वह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से 15 से 18 बार मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। बॉबी ने यह भी आरोप लगाया कि पिछली सरकार की तरह मौजूदा सरकार भी उनकी सामाजिक सेवा में बाधाएं खड़ी कर रही है।
स्थानीय विधायक पर भी निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आज तक किसी जनप्रतिनिधि ने अस्पताल आकर वास्तविक स्थिति जानने की कोशिश नहीं की। हालांकि उन्होंने साफ किया कि फिलहाल राजनीति में आने का उनका कोई इरादा नहीं है और उनकी समाजसेवा को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
सरबजीत सिंह बॉबी ने स्पष्ट किया कि चाहे प्रशासन जगह दे या नहीं, लंगर सेवा लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल को केवल शिफ्ट करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वहां आने वाले मरीजों और तीमारदारों के सम्मान और सुविधाओं का ध्यान रखना भी सरकार की जिम्मेदारी है।