Summer express/सिरसा, विजय जसूजा -:हरियाणा के सिरसा जिले में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई ताजा बढ़ोतरी ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन के दामों में इजाफा होने से लोगों के दैनिक खर्चों पर सीधा असर पड़ रहा है। वाहन चालकों से लेकर व्यापारियों और गृहिणियों तक, हर वर्ग इस बढ़ोतरी को लेकर चिंता जाहिर कर रहा है। लोगों का कहना है कि पहले से महंगे हो चुके जरूरी सामानों के बीच अब पेट्रोल और डीजल के बढ़े दाम आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर देंगे।
सिरसा में पेट्रोल की कीमत लगभग 100 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गई है, जबकि डीजल भी 92 रुपये से ऊपर बिक रहा है। बढ़ती कीमतों के कारण रोजाना वाहन इस्तेमाल करने वाले लोगों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। नौकरीपेशा लोगों का कहना है कि महीने का बजट पहले ही मुश्किल से संभल रहा था, लेकिन अब ईंधन महंगा होने से बचत करना और कठिन हो जाएगा।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि पेट्रोल और डीजल केवल वाहनों के संचालन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनकी कीमतों का असर हर क्षेत्र पर दिखाई देता है। खासकर डीजल के महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ जाती है, जिससे बाजार में सब्जियों, फलों, अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम भी बढ़ने लगते हैं। व्यापारियों का कहना है कि माल ढुलाई का खर्च बढ़ने से वस्तुओं की कीमतों में तेजी आना तय है।शहर के कई वाहन चालकों ने कहा कि रोजाना ऑफिस आने-जाने में अब पहले की तुलना में अधिक पैसा खर्च हो रहा है। बाइक और कार चलाने वाले लोगों का कहना है कि ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से निजी वाहन चलाना महंगा होता जा रहा है। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो उन्हें अपने खर्चों में कटौती करनी पड़ेगी।ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों ने भी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि डीजल महंगा होने से ट्रकों और अन्य व्यावसायिक वाहनों के संचालन पर सीधा असर पड़ता है। इससे माल ढुलाई की लागत बढ़ जाती है, जिसका बोझ अंततः आम उपभोक्ताओं पर ही पड़ता है। व्यापारियों के अनुसार आने वाले समय में बाजार में कई जरूरी वस्तुएं और महंगी हो सकती हैं।
गृहिणियों ने भी बढ़ती महंगाई को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि रसोई का खर्च पहले ही लगातार बढ़ रहा है। दाल, तेल, गैस, सब्जियां और अन्य घरेलू सामान महंगे हो चुके हैं। ऐसे में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि से हर चीज का खर्च और बढ़ जाएगा। महिलाओं का कहना है कि घर का बजट संभालना दिन-ब-दिन कठिन होता जा रहा है।
आर्थिक जानकारों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का प्रभाव पूरे आर्थिक ढांचे पर पड़ता है। परिवहन महंगा होने से उत्पादन लागत बढ़ती है, जिससे बाजार में वस्तुओं के दाम ऊपर जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यदि पेट्रोल और डीजल के दामों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो महंगाई और तेज हो सकती है।
लोगों ने सरकार से राहत की मांग करते हुए कहा है कि पेट्रोलियम पदार्थों पर लगने वाले टैक्स में कमी की जानी चाहिए ताकि आम जनता को कुछ राहत मिल सके। फिलहाल सिरसा में बढ़ती ईंधन कीमतों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है और हर कोई महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है।