मंडी/ धर्मवीर-: मंडी जिला सुंदरनगर में पीलिया व इससे जल जनित रोगों से संबंधित 65 के करीब मामले सामने आने के बाद विभाग की नींद टूटी है। इन मामलों के सामने आने के बाद मचे हड़कंप के बीच विभाग ने दूषित पेयजल स्त्रोतों को चिन्हित कर बंद करने के साथ टैंकों की भी साफ सफाई शुरू कर दी है। साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए विभाग की टीमें भी एक्टिव हो गई है । उपमंडल सुंदरनगर के वार्ड-2 स्थित उबाक और घाड़ा क्षेत्रों में पिछले तीन-चार दिनों में पीलिया के 17 नए मामले सामने आए है।
वहीं 10 दिन पहलें 47 आईटीआई प्रशिक्षु भी पीलिया व इससे संबंधित रोगों की चपेट में आ चुके हैं। यहां बड़ा सवाल यह उठता है कि इन मामलों के सामने आने के बाद ही क्यों विभागीय अधिकारियों को पानी के स्त्रोतों को बंद करना पड़ा व साथ की क्यों आनन फानन में पानी के टैंकों की सफाई करवानी पड़ी। यहां विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े हो रहें है। क्योंकि गर्मियों के दिनों में हमेशा ही पानी की किल्लत रहती है और ऐसे में जनता प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर हो जाती है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि समय रहते इन जल स्त्रोतों के पानी की सैंपलिंग तक विभाग नहीं करवा पाया है। जिससे दूषित जल का प्रयोग करने से जिला की जनता पीलिया जैसे रोगों का शिकार हो रही है। सुंदरनगर क्षेत्र में 8 परिवारों के संक्रमण में आने के बाद अब विभागीय अधिकारियों ने इन क्षेत्रों की ओर दौड़ लगाई है और संक्रमण के संभावित स्रोतों की पहचान कर एहतियातन कई महत्वपूर्ण कदम भी उठाए हैं।
प्रारंभिक जांच में विभाग ने कुछ प्राकृतिक जल स्रोतों और पेयजल योजनाओं में संक्रमण की आशंका जताई है। इसके बाद जल शक्ति विभाग ने संबंधित दूषित जल स्रोतों को तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया है और वहां चेतावनी बोर्ड भी लगा दिए गए हैं, ताकि लोग इन स्रोतों के पानी का उपयोग न करें। जल शक्ति विभाग सुंदरनगर के अधिशासी अभियंता रजत गर्ग ने बताया कि प्रभावित परिवार मुख्य रूप से प्राकृतिक जल स्रोतों और हैंडपंपों के पानी का उपयोग कर रहे थे। विभाग द्वारा लिए गए जल नमूनों में जीवाणु संक्रमण के संकेत मिलने के बाद व्यापक स्तर पर जांच अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि नए सिरे से पानी के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे गए हैं, ताकि संक्रमण के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। क्षेत्र की पेयजल टैंकों की दोबारा सफाई और क्लोरीनेशन का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। जिसमे 24 टैंकों की भी सफाई की गई है।
उधर, सिविल अस्पताल सुंदरनगर के प्रभारी डॉ. चमन सिंह ठाकुर ने बताया कि वर्तमान समय में क्षेत्र में पीलिया के 17 सक्रिय मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से तीन मरीज नागरिक अस्पताल सुंदरनगर में भर्ती हैं, जिनकी हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है। उन्होंने बताया कि अन्य मरीजों में गंभीर लक्षण नहीं हैं और चिकित्सकों की निगरानी में उनका घर पर ही उपचार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं और लोगों को बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक कर रही हैं। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे उबला या फिल्टर किया हुआ पानी ही इस्तेमाल करें तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।