Summer express, राकेश कुमार शर्मा, करनाल। गंगा दशहरा के पावन अवसर पर करनाल के लालूपुरा घाट पर बड़ा हादसा हो गया। यमुना में स्नान करने गए तीन युवक गहरे पानी में डूब गए। घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। परिजन और ग्रामीण लंबे समय तक प्रशासन से मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन आरोप है कि कई घंटे तक न तो नाव पहुंची और न ही प्रशिक्षित गोताखोर मौके पर पहुंचे। इसके बाद ग्रामीणों ने खुद ही यमुना में उतरकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
जानकारी के अनुसार सात युवक गंगा दशहरा के अवसर पर लालूपुरा घाट पर स्नान करने पहुंचे थे। शुरुआत में सभी युवक किनारे के पास नहा रहे थे, लेकिन कुछ देर बाद वे गहरे पानी की ओर चले गए। इसी दौरान गांव मुबारकाबाद निवासी रमेश कुमार अचानक गहराई में फंस गया और डूबने लगा।
रमेश को बचाने के लिए कुटेल गामड़ी निवासी 19 वर्षीय मोंटी तुरंत आगे बढ़ा, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण वह भी पानी में समा गया। दोनों को बचाने के प्रयास में 23 वर्षीय मंगता राम ने भी नदी में छलांग लगा दी, लेकिन वह भी बाहर नहीं निकल सका। देखते ही देखते तीनों युवक यमुना में लापता हो गए। ग्रामीणों के मुताबिक हादसे वाली जगह पर पानी करीब 30 फुट गहरा बताया जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और घरौंडा प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों ने राहत कार्य में देरी के आरोप लगाए। लोगों का कहना है कि करीब चार घंटे तक मौके पर न कोई नाव पहुंची और न ही गोताखोरों की टीम। समय बीतने के साथ परिजनों की बेचैनी बढ़ती गई और घाट पर माहौल गमगीन हो गया।
हालात ऐसे बन गए कि ग्रामीणों ने खुद ही नदी में उतरकर युवकों की तलाश शुरू कर दी। घाट पर महिलाओं और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। हर कोई प्रशासन से जल्द राहत कार्य तेज करने की मांग करता नजर आया।
पुलिस जांच अधिकारी निर्मल ने बताया कि तीन युवकों के यमुना में डूबने की सूचना मिली थी। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं तथा लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। वहीं घटना के बाद प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।