Summer express, नई दिल्ली। अगर आप जून, जुलाई या अगस्त में घरेलू हवाई यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो आपकी यात्रा का बजट बढ़ सकता है। देश की दो सबसे बड़ी एयरलाइंस कंपनियां एयर इंडिया और इंडिगो अगले तीन महीनों के दौरान अपनी उड़ानों की संख्या में बड़ी कटौती करने जा रही हैं। माना जा रहा है कि उड़ानों में कमी का सीधा असर हवाई टिकटों की कीमतों पर पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार, टाटा समूह की एयर इंडिया 1 जून 2026 से अपनी घरेलू उड़ानों में करीब 15 प्रतिशत तक कटौती करेगी। वहीं इंडिगो भी अपनी परिचालन क्षमता में 5 से 7 प्रतिशत तक कमी करने की तैयारी में है।
उड़ानों में कटौती के पीछे कई वजहें
विमानन कंपनियों के इस फैसले के पीछे अंतरराष्ट्रीय हालात और बढ़ती परिचालन लागत को मुख्य कारण माना जा रहा है।
महंगा हुआ एविएशन फ्यूल
ईरान पर हुए हमलों के बाद पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव का असर वैश्विक ईंधन बाजार पर पड़ा है। एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी होने से एयरलाइंस कंपनियों की परिचालन लागत काफी बढ़ गई है।
लंबा हुआ उड़ानों का रूट
ईरानी एयरस्पेस में बढ़ते खतरे और पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल पर लगी पाबंदियों के कारण भारतीय विमानों को अब वैकल्पिक और लंबे रूट अपनाने पड़ रहे हैं। इससे ईंधन की खपत और संचालन खर्च दोनों में इजाफा हुआ है।
गर्मियों की छुट्टियों के बाद घटती मांग
मई में स्कूलों की छुट्टियां खत्म होने के बाद जून से अगस्त के बीच घरेलू हवाई यात्रा की मांग में सामान्य रूप से गिरावट देखने को मिलती है। एयरलाइंस कंपनियां इसी मौसमी सुस्ती को ध्यान में रखते हुए उड़ानों में कटौती कर रही हैं।
टिकटों की कीमत बढ़ने के आसार
एविएशन एनालिटिक्स फर्म सिरियम के आंकड़ों के मुताबिक, उड़ानों में कमी की प्रक्रिया मार्च और अप्रैल से ही शुरू हो चुकी थी। इस दौरान देश की प्रमुख एयरलाइंस के कुल संचालन में करीब 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। एयर इंडिया ने अपनी उड़ानों में 7.5 प्रतिशत और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 17 प्रतिशत से ज्यादा कटौती की थी।
भारतीय घरेलू विमानन बाजार का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा एयर इंडिया समूह और इंडिगो के पास है। ऐसे में जब दोनों कंपनियां उड़ानों की संख्या घटाएंगी, तो बाजार में सीटों की उपलब्धता कम हो जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि सीटों की कमी और ईंधन की बढ़ती लागत के कारण आने वाले समय में प्रमुख रूटों पर हवाई किराए में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है।
छोटी एयरलाइंस को मिल सकता है फायदा
इस बीच आकासा एयर जैसी नई और छोटी एयरलाइंस कंपनियां अपने नेटवर्क का तेजी से विस्तार करने में जुटी हैं। माना जा रहा है कि बड़ी कंपनियों की उड़ान कटौती से पैदा हुए खाली स्थान का फायदा इन कंपनियों को मिल सकता है और यात्रियों को कुछ अतिरिक्त विकल्प भी उपलब्ध हो सकते हैं।