Summer express, नई दिल्ली | देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के बड़े क्षेत्रों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से जनजीवन प्रभावित हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है, जिससे हीटस्ट्रोक और गर्मी से जुड़ी बीमारियों का खतरा और बढ़ सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य भारत के कई इलाकों में लू से लेकर भीषण लू जैसी परिस्थितियां बनी हुई हैं। अत्यधिक तापमान के कारण अस्पतालों में भी गर्मी से प्रभावित मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2024 में लू लगने से देशभर में 1,832 लोगों की मौत दर्ज की गई। यह पिछले दो दशकों के सबसे गंभीर आंकड़ों में शामिल है। इससे पहले वर्ष 2015 में अत्यधिक गर्मी के कारण 1,908 लोगों की जान गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और लंबे समय तक अत्यधिक तापमान के संपर्क में रहने से हालात और गंभीर होते जा रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार कामकाजी पुरुषों पर लू का सबसे ज्यादा असर पड़ा है। 30 से 44 वर्ष आयु वर्ग में 525 पुरुषों की मौत दर्ज की गई, जबकि 45 से 59 वर्ष आयु वर्ग में यह आंकड़ा 577 तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि बाहर काम करने वाले मजदूर, ड्राइवर, निर्माण कार्य से जुड़े कर्मचारी और खेतों में काम करने वाले लोग सबसे अधिक जोखिम में हैं।
18 से 29 वर्ष आयु वर्ग में भी 152 पुरुषों की मौत दर्ज की गई, जबकि महिलाओं की संख्या काफी कम रही। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय धूप में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी है।
हालांकि मौसम विभाग ने 29 मई के बाद तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने की संभावना जताई है, लेकिन फिलहाल देश के कई हिस्सों में गर्मी और लू का खतरा बरकरार है।