Summer express, करनाल। पुलिस मुठभेड़ में घायल होकर गिरफ्तार किया गया एक कुख्यात बदमाश देर रात करनाल के सरकारी अस्पताल से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। हैरानी की बात यह है कि आरोपी की निगरानी के लिए अस्पताल में चार पुलिसकर्मी तैनात थे, बावजूद इसके वह हथकड़ी खोलकर भाग निकला। पुलिस को अस्पताल के बेड पर केवल हथकड़ी मिली।
फरार आरोपी की पहचान पंजाब के खरड़ गांव निवासी गुरजीत सिंह के रूप में हुई है। आरोपी हरियाणा समेत पांच राज्यों की पुलिस के लिए वांछित बताया जा रहा है। उस पर तरावड़ी स्थित पेट्रोल पंप पर फायरिंग कर लूट का प्रयास करने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, सीआईए-1 की टीम ने करीब 23 दिन की तलाश के बाद 25 मई को मेरठ रोड स्थित आवर्धन नहर के पास मुठभेड़ के दौरान गुरजीत सिंह को गिरफ्तार किया था। पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपी के पैर और कूल्हे के पास गोली लगी थी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए करनाल के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से एक पिस्टल और बिना नंबर प्लेट की बाइक भी बरामद की थी।
रात आरोपी को अस्पताल के परिजन वार्ड में रखा गया था और सुरक्षा के लिए चार पुलिस जवान तैनात किए गए थे। देर रात करीब 12 बजे आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी गई।
आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से पूछताछ की जा रही है और लापरवाही की जांच भी शुरू कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि 2 मई की सुबह आरोपी ने तरावड़ी स्थित चौधरी पेट्रोल पंप पर लूट की कोशिश की थी। उसने पहले बाइक में पेट्रोल भरवाया और फिर पिस्तौल निकालकर कर्मचारी को कैश देने की धमकी दी। कर्मचारियों के विरोध करने पर आरोपी ने फायरिंग भी की, हालांकि गोली किसी को नहीं लगी। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी।
पुलिस ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपी का पीछा किया और 23 दिन बाद मुठभेड़ के दौरान उसे दबोच लिया था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी के खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह किसी बड़ी वारदात की फिराक में था। फिलहाल पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।