Summer express, सोनीपत | हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक धरोहरों के प्रति नई पीढ़ी में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शनिवार को सोनीपत में हेरिटेज एवं सिटी वॉक का आयोजन किया गया। हरियाणा पर्यटन निगम की ओर से ‘आओ चलें अपनी विरासत के साथ’ अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।
यह हेरिटेज वॉक एथनिक इंडिया, राई से शुरू होकर ऐतिहासिक बड़खालसा मेमोरियल तक पहुंची। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के पर्यटन एवं विरासत मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि हेरिटेज वॉक केवल ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा नहीं, बल्कि अपनी जड़ों, संस्कृति और सभ्यता से जुड़ने का प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसकी विरासत, परंपराओं और ऐतिहासिक मूल्यों से होती है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास को समझने और उसके संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा सकता है। डॉ. शर्मा ने स्वस्थ जीवनशैली को भी विरासत संरक्षण से जोड़ते हुए कहा कि नियमित पैदल चलना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है और जब यह यात्रा इतिहास एवं संस्कृति से जुड़ जाए तो इसका महत्व और बढ़ जाता है।
कार्यक्रम के दौरान विधायक पवन खरखौदा ने कहा कि हरियाणा की धरती वीरता, त्याग और गौरवशाली परंपराओं की प्रतीक रही है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बड़खालसा ने भी बड़खालसा मेमोरियल के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे स्थल हमारी सांस्कृतिक चेतना और गौरवशाली अतीत के जीवंत प्रतीक हैं।
हेरिटेज वॉक के समापन पर प्रतिभागियों को वर्ष 1675 की उस ऐतिहासिक घटना की जानकारी दी गई, जब गुरु तेग बहादुर का पावन शीश दिल्ली से आनंदपुर साहिब ले जाया जा रहा था। इस दौरान मुगल सेना से बचाने के लिए वीर योद्धा दादा कुशाल सिंह दहिया ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था।
डॉ. अरविंद शर्मा ने दादा कुशाल सिंह दहिया की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनका बलिदान भारतीय इतिहास का अमिट अध्याय है, जो आने वाली पीढ़ियों को धर्म, संस्कृति और मानवता की रक्षा के लिए प्रेरित करता रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, सांस्कृतिक मूल्यों के सम्मान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।