नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान आतंकवाद के मुद्दे पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में किसी तरह की हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने दो टूक कहा कि आतंक के शिकार और उसका समर्थन करने वालों को एक नजर से नहीं देखा जा सकता।
पहलगाम हमला मानवता पर सीधा हमला
पीएम मोदी ने शांति एवं सुरक्षा सत्र को संबोधित करते हुए जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को भारत की आत्मा, पहचान और गरिमा पर सीधा हमला बताया। उन्होंने कहा, “यह हमला सिर्फ भारत पर नहीं, बल्कि पूरी मानवता पर हमला था।” पीएम ने सभी देशों से एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम उठाने की अपील की।
आतंकवाद पर कार्रवाई ‘सुविधा’ नहीं, सिद्धांत होनी चाहिए
प्रधानमंत्री ने कहा, “आतंकवाद आज पूरी दुनिया के सामने सबसे गंभीर चुनौती है। इसकी निंदा केवल परिस्थिति के अनुसार नहीं, बल्कि सिद्धांत के आधार पर होनी चाहिए।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसी आतंकी हमले को अंजाम देने वाले का देश कौन-सा है, यह देखना इंसानियत के साथ विश्वासघात होगा।
चीन पर परोक्ष निशाना
प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान के कई आतंकियों को वैश्विक आतंकी घोषित करने के भारत के प्रयासों में अड़ंगा लगाया है। मोदी ने कहा, “आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई में अंतर नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा होता है तो सवाल उठता है कि क्या हम वास्तव में आतंकवाद से लड़ने को लेकर गंभीर हैं?”
भारत के साथ खड़े देशों को धन्यवाद
पीएम मोदी ने पहलगाम हमले के बाद भारत के समर्थन में आए मित्र देशों का आभार जताया। 22 अप्रैल को हुए इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी।
गाजा संघर्ष पर जताई चिंता
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने गाजा पट्टी में बिगड़ती मानवीय स्थिति को भी चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में जारी तनाव और विवादों के बीच शांति ही एकमात्र समाधान है।
“भारत शांति और संवाद का पक्षधर”
प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत भगवान बुद्ध और महात्मा गांधी की भूमि है, जहां हिंसा के लिए कोई जगह नहीं। हम हर उस प्रयास का समर्थन करते हैं जो दुनिया को संघर्ष से दूर और सहयोग की राह पर ले जाए।”
ब्रिक्स सम्मेलन में दिखी एकजुटता, लेकिन कुछ प्रमुख नेता रहे अनुपस्थित
ब्राजील में हो रहे दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हिस्सा नहीं लिया। सम्मेलन की मेज़बानी ब्रिक्स अध्यक्ष ब्राजील ने की है। इस बार के सम्मेलन में वैश्विक शांति, सुरक्षा और साझेदारी को लेकर विशेष चर्चा हुई।