Shimla, 7 July -हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश पहले ही जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर रही है और अब राज्य में फोरलेन निर्माण कार्य भी विवादों में घिरता जा रहा है। शिमला के कालीबाड़ी हॉल में हिमाचल किसान सभा के बैनर तले आयोजित अधिवेशन में निर्माण कार्य से हो रहे नुकसान पर गहरी चिंता जताई गई। बताया गया कि इस परियोजना से लगभग नौ पंचायतों के ग्रामीण प्रभावित हो रहे हैं। शिमला शहर के कई हिस्सों में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, विशेषकर वे इलाक़े जहां फोरलेन का निर्माण कार्य पास में चल रहा है।
हिमाचल किसान सभा ने दी चेतावनी
बीते दिनों ही शिमला के भट्टाकुफर इलाक़े में पांच मंज़िला इमारत धराशायी हो गई थी. इसके साथ लगती चार इमारतों को भी ख़तरा बना हुआ है. हिमाचल किसान सभा ने अधिकारों की लड़ाई के लिए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है.हिमाचल किसान सभा के राज्य अध्यक्ष कुलदीप सिंह तंवर ने कहा कि नेशनल हाईवे फोरलेन निर्माण में नियमों को ताक पर रखा गया है. दिन-रात हो रहे निर्माण से लोग परेशान हो चुके हैं. नियमों की खुलकर अवहेलना की जा रही है. इसी वजह से मकानों, खेत-खलिहानों और बगीचों को बड़ा ख़तरा पैदा हो गया है. उन्होंने कहा कि यह बड़ी लड़ाई है और इससे मिलकर ही लड़ा जाएगा. हिमाचल किसान सभा ने प्रभावितों के लिए फैक्टर- 2 का मुआवज़ा देने की भी मांग उठायी है.