Summer express,चरखी दादरी । मनीषा मौत मामले में न्याय की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे मृतका के पिता संजय कुमार ने देर शाम अपना अनशन समाप्त कर दिया। प्रशासन की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच और आगे की कार्रवाई को लेकर दिए गए ठोस आश्वासन के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। हालांकि, पीड़ित परिवार और सामाजिक संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय सीमा में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ती है, तो आंदोलन को फिर से तेज किया जाएगा।
मामले को लेकर गांव कुडल बॉस में पूरे दिन राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मियां बनी रहीं। मृतका के पिता संजय कुमार विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के साथ गांव में ही आमरण अनशन पर बैठ गए थे। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग उनके समर्थन में धरनास्थल पर पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
बताया गया कि इससे पहले पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया था, जिसके बाद संजय कुमार और उनके समर्थकों ने मौके पर ही धरना शुरू कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया और वरिष्ठ अधिकारी धरनास्थल पर पहुंचे।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार और एसडीएम मनोज दलाल ने पीड़ित परिवार और उनके समर्थकों के साथ लंबी बातचीत की। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि आगामी एक सप्ताह के भीतर पीड़ित परिवार की मुलाकात केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों से करवाई जाएगी, ताकि मामले की जांच को लेकर परिवार अपनी बात सीधे एजेंसी के समक्ष रख सके।
प्रशासनिक अधिकारियों ने यह भी आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को गंभीरता से आगे बढ़ाया जाएगा और तय समय सीमा के भीतर संबंधित एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया जाएगा।
प्रशासन की ओर से मिले आश्वासन के बाद संजय कुमार ने अधिकारियों के हाथों जूस ग्रहण कर अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया। हालांकि, धरनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे मामले की प्रगति पर लगातार नजर बनाए रखेंगे और यदि निर्धारित समय में कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो आगे की रणनीति बनाकर आंदोलन को फिर से शुरू किया जाएगा।