Summer express/राहुल चावला, पालमपुर:-अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले को लेकर हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं और आस्था से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
रोहित ठाकुर ने कहा कि अयोध्या देश की धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में यदि मंदिर के चढ़ावे या उसके प्रबंधन से जुड़ी किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो इससे श्रद्धालुओं का विश्वास प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि सरकार को पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराकर सच्चाई जनता के सामने लानी चाहिए और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थानों की विश्वसनीयता बनाए रखना सभी सरकारों और प्रबंधन समितियों की जिम्मेदारी है। श्रद्धालु अपनी आस्था और विश्वास के साथ मंदिरों में दान देते हैं, इसलिए उस धन का उपयोग पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। यदि कहीं भी अनियमितता होती है तो उसे गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।शिक्षा मंत्री ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के बीच इसलिए उठा रही है ताकि धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। उनका कहना था कि किसी भी धर्मस्थल की गरिमा बनाए रखने के लिए निष्पक्ष व्यवस्था और प्रभावी निगरानी तंत्र आवश्यक है।प्रदेश के मंदिरों में व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि हिमाचल सहित देश के सभी धार्मिक स्थलों के प्रबंधन को इस घटना से सीख लेते हुए वित्तीय लेनदेन और दान प्रबंधन को अधिक पारदर्शी बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और नियमित ऑडिट जैसी व्यवस्थाएं अपनाकर श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत किया जा सकता है।